रिपोर्ट: सत्यम दुबे
बांदा: माफिया मुख्तार अंसारी को यूपी के बांदा जेल आये लगभग 40 दिन हो गये हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस अंसारी को सड़क के रास्ते पंजाब की रोपड़ जेल से सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर यूपी लाकर बांदा जेल में बंद की है। इन 40 दिनों में मुख्तार अंसारी के सेहत पर भी काफी असर पड़ा है। इस दौरान अंसारी का 8 किलो वजन घट गया है। मुख्तार अंसारी के वकील ने दलील देते हुए मऊ कोर्ट में इस बात की जानकारी दी है। इसके साथ ही उन्होने जेल में सुविधाएं न देने की भी शिकायत की है।
आपको बता दें कि फर्जी शस्त्र लाइसेंस प्रकरण में बुधवार को मऊ सीजेएम ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से सुनवाई की। बांदा जेल में बंद बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के वकील ने अदालत को बताया कि उनका मुवक्किल (मुख्तार) मऊ सदर से विधायक है। उनकी तबियत ठीक नहीं है। 40 दिनों में आठ किलो से अधिक वजन घट गया है। परिजनों से फोन पर बातचीत भी नहीं कराई जा रही है। ऐसे में मुवक्किल (मुख्तार अंसारी) डिप्रेशन में न चला जाए।
वकील द्वारा दी गई इस दलील पर मऊ सीजेएम कोर्ट ने जेल प्रशासन (बांदा) को फटकार लगाई। इसके साथ ही कोर्ट ने आदेश दिया कि जेल मैनुअल के अनुसार मुख्तार को सुविधाएं मुहैया कराई जाएं। जेल अधीक्षक (बांदा) अरुण कुमार ने बताया कि जेल मैनुअल के अनुसार बंदी जिस व्यक्ति से फोन पर बात करना चाहता है उसका पहले पुलिस वेरीफिकेशन कराया जाता है।
अधीक्षक ने बताया कि मुख्तार द्वारा उपलब्ध कराए गए दो फोन नंबरों का पुलिस द्वारा वेरीफिकेशन करा लिया गया है। उन नंबरों पर वह बात कर सकेंगे। उधर, कोर्ट ने अवैध असलहा प्रकरण में पुलिस द्वारा प्रस्तुत मुख्तार के लेटर पैड की तस्दीक की। सुनवाई की अगली तिथि 21 मई नियत की है। कोर्ट में मुख्तार के वकील दरोगा सिंह व यहां जेल में वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान कारागार अधीक्षक अरुण कुमार, जेलर बद्री प्रसाद, डिप्टी जेलर वीरेश्वर सिंह आदि उपस्थित रहे।