जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत जानने के लिए बुरहानपुर पहुंचे सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ जिला विकास समिति के सदस्य, कलेक्टर, सीएमएचओ और सिविल सर्जन भी मौजूद रहे। सांसद ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों का दौरा कर मरीजों से सीधे संवाद किया और उन्हें मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान उस समय बड़ा खुलासा हुआ, जब यह सामने आया कि पूर्व सांसद नंदकुमार सिंह चौहान के कार्यकाल में कोरोना काल के दौरान करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित ICU वार्ड आज तक शुरू नहीं हो सका है।
बंद ICU को देखकर सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने गहरी नाराज़गी जाहिर की और स्वास्थ्य अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। सांसद ने सीएमएचओ को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि ICU सेवाएं तत्काल प्रारंभ की जाएं, ताकि गंभीर मरीजों को इलाज के लिए जिले से बाहर रेफर न करना पड़े।

इसके बाद सांसद ने लगभग 16 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित क्रिटिकल केयर यूनिट भवन का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को सभी आवश्यक व्यवस्थाएं शीघ्र पूर्ण करने और भवन को पूरी तरह क्रियाशील बनाने के निर्देश दिए।
सांसद ने जानकारी दी कि 4 जनवरी को मुख्यमंत्री मोहन यादव बुरहानपुर दौरे पर आएंगे। इस अवसर पर क्रिटिकल केयर यूनिट भवन का लोकार्पण किया जाएगा और पूर्व सांसद नंदकुमार सिंह चौहान द्वारा शुरू किए गए ICU को भी शीघ्र चालू किया जाएगा।
निरीक्षण के बाद सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने स्पष्ट शब्दों में कहा-
जिला अस्पताल में मरीजों को हर हाल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलनी चाहिए।
जो ICU पहले से बना हुआ है, उसे तुरंत शुरू किया जाए।
बिना वजह मरीजों को बाहर रेफर करना बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यदि किसी प्रकार की लापरवाही या सांठगांठ सामने आई, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सांसद के औचक निरीक्षण से जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं में मौजूद कमियां उजागर हुई हैं। अब प्रशासन पर दबाव है कि बंद ICU और क्रिटिकल केयर यूनिट को शीघ्र शुरू कर बुरहानपुर के मरीजों को बेहतर और समय पर इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।