दिल्ली में प्रगति मैदान पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला, मंगलवार से आम लोगों के लिए खोल दिया गया है। इस बड़े आयोजन की सुरक्षा की जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस को दिया गया है। 2500 से ज्यादा प्रशिक्षित पुलिस जवानों को सुरक्षा में तैनात किया गया है, जिनमें विशेष रूप से आतंकवाद के खतरे से निपटने के लिए तैयारियां की गई हैं। पुलिस को संदिग्ध वस्तुओं की पहचान करने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि इस बार व्यापार मेले की सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की कोताही नहीं बरती जाएगी। मेले में हर रोज एक लाख से अधिक लोगों के आने की संभावना है, जिसके मद्देनज़र सुरक्षा व्यवस्था को और भी कड़ा किया गया है। पुलिस उपायुक्त सुमित झा ने कहा कि यह सुनिश्चित किया गया है कि मेले के अंदर कोई संदिग्ध व्यक्ति प्रवेश न कर सकें। इसके लिए गेट, पार्किंग और अन्य स्थानों पर चेकिंग और फिस्किंग की व्यवस्था की गई है। इन सब कार्यों के लिए दिल्ली पुलिस की सुरक्षा यूनिट ने जवानों को विशेष प्रशिक्षण दिया है।
ट्रेड में पुलिस ने अत्याधुनिक तकनीकी उपकरणों का सहारा लिया है। मेले के सभी प्रमुख क्षेत्रों में कुल 1200 CCTV कैमरे लगाए गए हैं, जो हर हॉल और पार्किंग क्षेत्र की निगरानी करेंगे। इन कैमरों का कंट्रोल रूम प्रगति मैदान और तिलक मार्ग थाने में स्थापित किया गया है, जहां पुलिसकर्मी और आईटीपीओ कर्मी इन पर नजर बनाए रखेंगे।
इसके अलावा, ANPR(ऑटोमेटेड नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरे भी लगाए गए हैं, जो वाहनों की नंबर प्लेटों को रिकॉर्ड करके उनकी पूरी जानकारी देंगे। ये कैमरे खासकर पार्किंग क्षेत्र में लगाए गए हैं, जिससे संदिग्ध वाहनों की पहचान की जा सके और उनकी जांच की जा सके। इसके माध्यम से केवल अधिकृत वाहनों को ही प्रगति मैदान में प्रवेश मिल सकेगा।
पुलिस के उच्च अधिकारियों का कहना है कि उनका मुख्य उद्देश्य मेले के दौरान मेले की सुरक्षा को बनाए रखना है, ताकि यहां आने वाले लोग आनंद ले सकें बिना किसी खतरे के। पुलिस ने सुनिश्चित किया है कि मेले में आने वाले सभी व्यक्तियों की सुरक्षा पूरी तरह से सुनिश्चित की जाएगी, चाहे वह व्यापारिक उद्देश्य से आए हों या मनोरंजन के लिए।
This Post is written by shreyasi Gupta