मथुरा से लगभग बीस किलो मीटर दूर भगवान कृष्ण के बड़े भाई बलराम (दाउजी )के मंदिर मैं जहां पर हजारों साल पहले से चली आ रही है ये हुरंगा की रिवाज और इसमें भाग लेते है। इस मंदिर में पूजा अर्चना करने वाले गोस्वामी समाज के महिला और पुरुष हिस्सा लेते हैं। यहां पर होने वाले इस हुरंगे को देखने के लिए देश ही नहीं बल्कि विदेश से भी हजारों लोग आकर हुरंगे का आनंद लेते है।
कहा जाता है कि, जब भगवान कृष्ण ने गोपियों के चीर चुराए थे तब उसी का बदला लेने के लिए गोपियों ने उनके बड़े भाई बलदाऊ के कपडे फाड़ दिए और उन कपड़ों से ही उसकी होली में प्रेम से मार लगाई। मंदिर में हो रही इस हुरंगे में जहां महिला भी बढ़चढ़ कर भाग लिया। वहीं, सभी पुरुष महिलाओं के ऊपर बाल्टी से जमकर रंग डालते है।
बता दें कि, इस हुरंगे की कई दिन पहले से ही तैयारी की जाती है और टेसू के साथ केसर के भी रंग बनाए जाते है। जबकि बल्देव के हुरंगा को लेकर प्रशासन की ओर से सारी व्यवस्थाएं चुस्त-दुरुस्त की गई। जिससे बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी तरीके की परेशानी का सामना ना करना पड़े, बल्देव में होने वाली होली यानी हुरंगा का आनन्द बाहर से आने बाले श्रदालु आराम से भागवान के दर्शन कर सकें।