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Mann ki Baat: पीएम मोदी बोले- Vocal for Local को बढ़ावा दें, पढ़े

By: RNI Hindi Desk 
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Mann ki Baat: पीएम मोदी बोले- Vocal for Local को बढ़ावा दें, पढ़े

दशहरे के खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रेडियो पर ‘मन की बात’ कार्यक्रम के जरिए देश को संबोधित कर रहे हैं। पीएम मोदी के मन की बात कार्यक्रम की यह 70वीं कड़ी है। इसे आकाशवाणी और दूरदर्शन के समूचे नेटवर्क पर प्रसारित किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने अपने अधिकारिक ट्विटर हैंडल के जरिए देशवासियों से अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ सुनने की अपील की है।

आज विजयादशमी यानि दशहरे का पर्व है | इस पावन अवसर पर आप सभी को ढ़ेरों शुभकामनाएं। पहले दशहरे पर बड़े-बड़े मेले लगते थे उसका आकर्षण भी बहुत रहता था। लेकिन कोरोना के संकट काल में हमें संयम से काम लेना है। मर्यादा में रहना है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब हम त्योहार की बात करते हैं, तैयारी करते हैं, तो सबसे पहले मन में यही आता है कि बाजार कब जाना है? उन्होंने कहा कि इस बार जब आप खरीदारी करने जाएं तो ‘Vocal for Local’ का अपना संकल्प अवश्य याद रखें। बाजार से सामान खरीदते समय हमें स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देनी है। उन्होंने कहा कि आज जब हम Local के लिए Vocal हो रहे हैं तो दुनिया भी हमारे Local products की fan हो रही है। हमारे कई Local products में Global होने की बहुत बड़ी शक्ति है।

पं मोदी ने आगे कहा साथियो, त्योहारों के इस हर्षोल्लास के बीच में लॉकडाउन के समय को भी याद करना चाहिए। लॉकडाउन में हमने समाज के उन साथियों को और करीब से जाना है जिनके बिना हमारा जीवन बहुत मुश्किल हो जाता। कठिन समय में ये ये आपके साथ थे, अब अपने पर्वों में अपनी खुशियेां में भी हमें इनको साथ रखना है।

मन की बात में पीएम मोदी ने सीमा पर तैनात सैनिकों को भी याद किया और लोगों ने कहा कि भारत माता के इन वीर बेटे-बेटियों के सम्मान में भी घर में एक दीया जरूर जलाना है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, आज जब हम लोकल के लिए वोकल हो रहे हैं तो दुनिया भी हमारे लोकल प्रोडक्ट्स की तारीफ कर रही है। हमारे कई लोकल प्रोडक्ट में ग्लोबल होने की बहुत बड़ी शक्ति है।

उन्होंने आगे कहा खादी की पॉपुलैरिटी तो बढ़ ही रही है, साथ ही, दुनिया में कई जगह, खादी बनाई भी जा रही है। मेक्सिको में एक जगह है ओहाका। इस इलाके में कई गांव ऐसे है, जहां स्थानीय ग्रामीण, खादी बुनने का काम करते है। आज, यहां की खादी ‘ओहाका खादी’ के नाम से प्रसिद्ध हो चुकी है।

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि दिल्ली के Connaught Place के खादी स्टोर में इस बार गांधी जयंती पर एक ही दिन में एक करोड़ रुपये से ज्यादा की खरीदारी हुई। इसी तरह कोरोना के समय में खादी के मास्क भी बहुत popular हो रहे हैं।

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि जब हमें अपनी चीजों पर गर्व होता है तो दुनिया में भी उनके प्रति जिज्ञासा बढ़ती है। जैसे हमारे आध्यात्म ने, योग ने पूरी दुनिया को आकर्षित किया है।हमारे कई खेल भी दुनिया को आकर्षित कर रहे हैं।

मन की बात के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सरदार पटेल को भी याद किया। उन्होंने कहा कि कुछ ही दिनों बाद सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की जन्म जयंती, 31 अक्टूबर को हम सब ‘राष्ट्र्रीय एकता दिवस’ के तौर पर मनाएंगे। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने अपना पूरा जीवन एकजुटता के लिए समर्पित कर दिया। वे विविधता में एकता का मंत्र हर भारतीय के मन में जगाने वाले थे।

पीएम नरेंद्र मोदी ने आज मन की बात में अम्बेडकर को भी याद किया। उन्होंने कहा  पिछली सदी में, हमारे देश में हमारे पास डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर जैसे साहित्यकार थे जिन्होंने संविधान के माध्यम से हम सभी के बीच एकता स्थापित की।

क्या आप सरदार पटेल के बारे में एक बात जानते हैं जो उनके सेंस ऑफ ह्यूमर को दर्शाती है। बापू ने सरदार पटेल के बारे में कहा था- उनकी विनोदपूर्ण बातें मुझे इतना हंसाती थी कि हंसते-हंसते पेट में बल पड़ जाते थे, ऐसा दिन में एक बार नहीं, कई-कई बार होता था।

इसमें, हमारे लिए भी एक सीख है, परिस्थितियां कितनी भी विषम क्यों न हों, अपने सेंस ऑफ ह्यूमर को जिंदा रखिए। मेरे प्यारे देशवासियो, सरदार पटेल ने अपना पूरा जीवन देश की एकजुटता के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने भारतीय जनमानस को स्वतंत्रता आंदोलन से जोड़ा। उन्होंने आजादी के साथ किसानों के मुद्दों को जोड़ने का काम किया। उन्होंने राजे-रजवाड़ों को हमारे राष्ट्र के साथ एक करने का काम किया।

आज हमें अपनी वाणी, अपने व्यवहार, अपने कर्म से हर पल उन सब चीजों को आगे बढ़ाना है जो हमें ‘एक’ करें, जो देश के एक भाग में रहने वाले नागरिक के मन में, दूसरे कोने में रहने वाले नागरिक के लिए सहजता और अपनत्व का भाव पैदा कर सके हमारे पूर्वजों ने सदियों से ये प्रयास निरंतर किए हैं। त्रिपुरा से ले कर गुजरात तक, जम्मू-कश्मीर से लेकर तमिलनाडु तक स्थापित, हमारे, आस्था के केंद्र, हमें ‘एक’ करते हैं। भक्ति आन्दोलन पूरे भारत में एक बड़ा जन-आंदोलन बन गया, जिसने, हमें, भक्ति के माध्यम से एकजुट किया।

वैसे, ऐसी ताकतें भी मौजूद रही हैं जो निरंतर हमारे मन में संदेह का बीज बोने की कोशिश करते रहते हैं, देश को बांटने का प्रयास करते हैं। हमें निरंतर अपनी क्रिएटिविटी से, प्रेम से, हर पल प्रयासपूर्वक अपने छोटे से छोटे कामों में, ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के खूबसूरत रंगों को सामने लाना है, एकता के नए रंग भरने हैं, और हर नागरिक को भरने हैं। इस संदर्भ में, मैं, आप सबसे, एक वेबसाइट देखने का आग्रह करता हूं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं आपसे एक वेबसाइट पर जाने का आग्रह करता हूं – http://ekbharat.gov.in – यह राष्ट्रीय एकीकरण के अभियान को आगे बढ़ाने के हमारे कई प्रयासों को प्रदर्शित करता है; इसका एक दिलचस्प कोने है – दिन के लिए वाक्य, जिसमें हम सीखते हैं कि कैसे एक वाक्य को अंतर में बोलना है।

आज, कश्मीर का पुलवामा पूरे देश को पढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। आज देश-भर में बच्चे अपना होम वर्क करते हैं, नोट्स बनाते हैं, तो कहीं-न-कहीं इसके पीछे पुलवामा के लोगों की कड़ी मेहनत भी है। साथियो, पुलवामा की अपनी यह पहचान तब स्थापित हुई है, जब, यहां के लोगों ने कुछ नया करने की ठानी, काम को लेकर रिस्क उठाया, और खुद को उसके प्रति समर्पित कर दिया। ऐसे ही कर्मठ लोगों में से एक हैं- मंजूर अहमद अलाई।

प्रधानमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान टेक्नोलॉजी-बेस्ड सर्विस डिलीवरी के कई प्रयोग हमारे देश में हुए हैं और अब ऐसा नहीं रहा कि बहुत बड़ी टेक्नोलॉजी और लॉजिस्टिक्स कंपनीज ही यह कर सकती हैं। साथियो, एग्रीकल्चर सेक्टर में नई संभवनाएं बनता देख, हमारे युवा भी काफी संख्या में इससे जुड़ने लगे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि तीर्थाटन अपने आप में भारत को एक सूत्र में पिरोता है। ज्योर्तिलिंगों और शक्तिपीठों की श्रृंखता भारत को एक सूत्र में बांधती है। त्रिपुरा से लेकर गुजरात तक जम्मू-कश्मीर से लेकर तमिलनाडु तक स्थापित हमारे आस्था के केंद्र हमें एक करते हैं।

प्रधानमंत्री ने आज कहा कि केरल में जन्मे पूज्य आदि शंकराचार्य जी ने भारत की चारों दिशाओं में चार महत्वपूर्ण मठों की स्थापना की- उत्तर में बद्रिकाश्रम, पूर्व में पूरी, दक्षिण में श्रृंगेरी और पश्चिम में द्वारका।उन्होंने श्रीनगर की यात्रा भी की, यही कारण है कि वहां एक Shankaracharya Hill है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को लभी याद किया। उन्होंने कहा कि 31 अक्टूबर को हमने पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी को खो दिया। मैं सबसे अधिक सम्मानपूर्वक उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।

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