केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने कहा है कि शहरों के विकास के लिए केन्द्र सरकार से प्राप्त बजट राशि का समयबद्ध और पूर्ण उपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वर्ष 2047 तक विकसित और आत्मनिर्भर भारत की जो परिकल्पना की गई है, उसे साकार करने के लिए केन्द्र और राज्य सरकारों के बीच मजबूत समन्वय आवश्यक है। केन्द्रीय मंत्री शनिवार को भोपाल स्थित कुशाभाऊ इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित शहरी विकास मंत्रियों की क्षेत्रीय बैठक (उत्तरी एवं मध्य राज्य) को संबोधित कर रहे थे।

केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि अनुमान के अनुसार वर्ष 2047 तक देश की लगभग 50 प्रतिशत आबादी शहरी क्षेत्रों में निवास करेगी। इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए यदि अभी से ठोस और दूरदर्शी शहरी योजनाओं का क्रियान्वयन किया गया, तभी विकसित भारत का सपना साकार हो सकेगा। उन्होंने बताया कि शहरी कार्य मंत्रालय ने क्षेत्रवार बैठकों के माध्यम से राज्यों की भौगोलिक परिस्थितियों और चुनौतियों के अनुरूप समाधान तलाशने का निर्णय लिया है। केन्द्र सरकार राज्यों के लिए एक सपोर्टिंग सिस्टम के रूप में कार्य करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर प्रभावी प्रयास राज्यों को ही करने होंगे।

बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), अमृत योजना, स्वच्छ भारत मिशन और शहरी परिवहन व्यवस्था जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। केन्द्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्मित आवासों के आवंटन में हो रही देरी पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि “सबको आवास” केन्द्र सरकार की फ्लैगशिप योजना है, जिसे सफल बनाने के लिए निजी रियल एस्टेट क्षेत्र की भी सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने राज्यों से आग्रह किया कि जनता की वित्तीय भागीदारी को प्रभावी रूप से लागू किया जाए।
मध्यप्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि प्रदेश में नगरीय निकायों को आर्थिक और तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। नर्मदा नदी के तटवर्ती शहरों में सीवरेज कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है ताकि नदी में गंदा पानी न पहुंचे। उन्होंने बताया कि नगरीय क्षेत्रों में संपत्तियों की जीआई मैपिंग से संपत्ति कर में लगभग 150 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है। मंत्री श्री विजयवर्गीय ने अमृत योजना के अधूरे कार्यों को पूर्ण करने के लिए केन्द्र सरकार से सहयोग का आग्रह किया।

कार्यक्रम के दौरान नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा नागरिकों को उपलब्ध कराई जा रही ऑनलाइन सेवाओं पर आधारित एक वीडियो फिल्म का प्रदर्शन किया गया। इसमें जल संरक्षण, अर्बन लॉकर, व्हीकल फ्यूल मॉनिटरिंग सिस्टम और अन्य डिजिटल सेवाओं की जानकारी दी गई। बैठक के प्रारंभ में अपर मुख्य सचिव संजय दुबे और आयुक्त नगरीय विकास संकेत भोंडवे ने विभाग की प्रमुख उपलब्धियों की जानकारी साझा की।
सत्रों के दौरान बताया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत स्वीकृत 9 लाख 46 हजार आवासों में से 8 लाख 79 हजार का निर्माण पूर्ण हो चुका है, जिससे मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के अंतर्गत 60 हजार नए आवासों को स्वीकृति दी जा चुकी है। साथ ही, औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों के लिए उद्योगपतियों के सहयोग से किफायती आवास विकसित किए जा रहे हैं।

बैठक में प्रधानमंत्री ई-बस सेवा, मेट्रो नेटवर्क की डीपीआर, अमृत 3.0, स्वच्छ भारत मिशन, लीगेसी वेस्ट और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर भी विस्तार से चर्चा हुई। केन्द्र सरकार के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में 9 बायो-सीएनजी प्लांट प्रस्तावित हैं, जो स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में बड़ी उपलब्धि होगी। इंदौर का बायो-सीएनजी प्लांट देशभर में एक मॉडल के रूप में उभरा है।
बैठक में छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव, उत्तर प्रदेश के मंत्री डॉ. अरविंद कुमार शर्मा, राजस्थान के मंत्री झाबर सिंह खर्रा सहित विभिन्न राज्यों के मंत्री, राज्य मंत्री तथा केन्द्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। क्षेत्रीय बैठक में शहरी विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर गहन विचार-विमर्श किया गया।