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Bhopal: राजस्व विभाग की बड़ी उपलब्धियां, किसानों को राहत और डिजिटल प्रशासन पर जोर

राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में गिनाईं उपलब्धियां और आगामी योजनाएं...

By: Abhinav Tiwari 
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Bhopal: राजस्व विभाग की बड़ी उपलब्धियां, किसानों को राहत और डिजिटल प्रशासन पर जोर

मध्यप्रदेश सरकार के किसान-केंद्रित दृष्टिकोण को रेखांकित करते हुए राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने भोपाल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राजस्व विभाग की बीते वर्षों की उपलब्धियों और आगामी कार्ययोजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार राजस्व प्रशासन को पारदर्शी, तेज़, तकनीक-आधारित और भ्रष्टाचार-मुक्त बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है।

स्वामित्व योजना और फसल क्षति राहत में रिकॉर्ड प्रदर्शन

राजस्व मंत्री ने बताया कि स्वामित्व योजना के अंतर्गत प्रदेश में अब तक 40 लाख से अधिक लोगों को स्वामित्व अधिकार का लाभ दिया जा चुका है। वहीं फसल नुकसान की स्थिति में किसानों को 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राहत राशि वितरित की गई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं खेतों में जाकर किसानों से संवाद कर रहे हैं, जिससे नीतियों को ज़मीनी स्तर पर मजबूती मिल रही है।

प्राकृतिक आपदा प्रबंधन पर बोलते हुए मंत्री ने दावा किया कि राहत राशि के प्रावधान और वितरण में मौजूदा सरकार का प्रदर्शन पूर्ववर्ती कांग्रेस शासन की तुलना में कहीं अधिक प्रभावी और तेज़ रहा है।

पटवारी भर्ती और साइबर तहसील से प्रशासन मजबूत

पटवारी भर्ती को लेकर मंत्री ने बताया कि 5,200 नए पटवारियों की नियुक्ति की गई है, जिससे अब हर हल्के में एक पटवारी की उपलब्धता सुनिश्चित हो गई है।
इसके साथ ही साइबर तहसील मॉडल की शुरुआत की गई है, जिसे प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार-2023 से सम्मानित किया गया।

अब तक:

  • 6,000 से अधिक नामांतरण पूरी तरह डिजिटल माध्यम से किए जा चुके हैं

  • जल्द ही डायवर्शन के लिए तहसील जाने की आवश्यकता नहीं रहेगी

महाअभियान से 1 करोड़ से अधिक प्रकरणों का निराकरण

राजस्व मामलों के शीघ्र समाधान के लिए चलाए गए तीन चरणों के महाअभियान में 1 करोड़ से अधिक प्रकरणों का निराकरण किया गया है। इसके अलावा 7 अप्रैल 2025 से शुरू किए गए कॉल सेंटर के माध्यम से 22 दिसंबर 2025 तक 1,013 अधिकारियों से संपर्क किया गया, जिससे लंबित प्रकरणों की संख्या 8,963 से घटकर मात्र 150 रह गई है।

भूलेख पोर्टल 2.0 और रिकॉर्ड डिजिटाइजेशन

डिजिटलीकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मंत्री ने बताया कि भूलेख पोर्टल 2.0 को 1 अगस्त 2025 से लागू किया गया है। इसके माध्यम से भूमि अभिन्यास की जानकारी, मोबाइल ऐप से प्रमाणित प्रतिलिपि, डिजिटल नक्शे उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके साथ ही 15 करोड़ पुराने भूमि अभिलेखों के डिजिटाइजेशन का कार्य शुरू किया गया है, जिनमें से 1.59 करोड़ रिकॉर्ड अब तक स्कैन किए जा चुके हैं।

आगामी 3 वर्षों की कार्ययोजना

राजस्व मंत्री ने आगामी तीन वर्षों की कार्ययोजना साझा करते हुए बताया कि पूरे प्रदेश में रिकॉर्ड का पूर्ण डिजिटाइजेशन, विश्वास-आधारित डायवर्शन प्रणाली, DPDP एक्ट का अनुपालन, नक्शाविहीन गांवों का नक्शा तैयार करना, भू-अर्जन की ऑनलाइन प्रक्रिया लागू करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

“कम समय, कम खर्च में न्याय” सरकार का लक्ष्य

प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने कहा, “सरकार का लक्ष्य है कि आम नागरिक को कम समय और कम खर्च में न्याय और सुविधा मिले। राजस्व प्रशासन को जन-हितैषी और भरोसेमंद बनाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।” राजस्व विभाग की ये उपलब्धियां और योजनाएं दर्शाती हैं कि मध्यप्रदेश सरकार तकनीक, पारदर्शिता और किसान-हित को केंद्र में रखकर प्रशासनिक सुधारों को तेज़ी से आगे बढ़ा रही है।

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