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Maharashtra: बीजेपी विधायकों के निलंबन पर बोले फडणवीस, योजना के तहत हुई कार्रवाई

By Amit ranjan 
Updated Date

नई दिल्ली : महाराष्ट्र विधानसभा का दो दिवसीय सत्र का पहला दिन काफी हंगामे भरा रहा। इस हंगामे के बाद स्पीकर ने बीजेपी के 13 विधायकों को एक साल के लिए सस्पेंड कर दिया। विधानसभा में कार्यवाहक स्पीकर का पद संभाल रहे भास्कर जाधव ने कहा कि जब सदन को स्थगित किया गया था तो विपक्ष के नेता मेरे कैबिन में आए और नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस और वरिष्ठ बीजेपी नेता चंद्रकात पाटिल के सामने मुझसे बदतमीजी करने लगे।

वहीं विपक्षी नेताओं का आरोप है कि कार्यवाहक स्पीकर ने भी उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। स्पीकर ने इस मामले की संसदीय कार्यमंत्री से जांच की मांग की है।

सरकार ने नो बॉल पर विकेट लिया

12 विधायकों के निलंबन पर बीजेपी और सदन से निलंबित किए आशीष शेलार ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इस सरकार ने तो तालिबान को भी शर्मिंदा कर दिया है। स्पीकर के चैंबर में शिवसेना के विधायकों द्वारा गाली गलौज किया गया। फिर हमनें स्पीकर की मर्यादा का ख्याल करते हुए माफी मांग ली। उन्होंने कहा कि शिवसेना के लोगों में मेरा सामना करने की हिम्मत नहीं है। मैं सिर्फ छगन भुजबल द्वारा पीएम मोदी को लेकर कही गई बातों को ठीक करने की कोशिश कर रहा था।

आशीष शेलार ने कहा कि आपने नो बॉल पर मेरा विकेट ले लिया है। मैं मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन का अध्यक्ष रहा हूं अब मैं सदन के बाहर दोनों हाथों से बॉलिंग करूंगा।

हमारा संघर्ष जारी रहेगा-फडणवीस

बीजेपी विधायकों के निलंबन पर नेता प्रतिपक्ष और पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि सरकार ने विधायकों के हंगामे की झूठी कहानी बनाई और हमारे 12 विधायकों को निलंबित कर दिया। फडणवीस ने कहा कि विधायकों की कार्यवाहक स्पीकर से कुछ तीखी बहस हुई थी लेकिन हमारे वरिष्ठ सदस्य आशीष शेलार ने सभी विधायकों की तरफ से कार्यवाहक स्पीकर से माफी मांगी। लेकिन बाद में सरकार हमारे विधायकों को सस्पेंड करने की योजना के साथ आई। उन्होंने कहा कि हमारा संघर्ष जारी रहेगा।

बता दें कि सदन में ओबीसी आरक्षण पर चर्चा के दौरान विपक्ष ने हंगामा किया था। विपक्ष का आरोप था कि कार्यवाहक स्पीकर ने विपक्ष को बोलने का पर्याप्त मौका नहीं दिया। इसके बाद विपक्ष ने सदन की कार्यवाही का बहिष्कार किया।

क्या है पूरा मामला

विधानसभा ने सोमवार को एक प्रस्ताव पारित किया, जिसमें केंद्र से 2011 की जनगणना के आंकड़े उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया ताकि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग को ओबीसी आबादी का डेटा तैयार करने में सक्षम बनाया जा सके, ताकि स्थानीय निकायों में राजनीतिक आरक्षण बहाल किया जा सके।

एनसीपी नेता और राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव को भाजपा के सदस्यों के हंगामे के बीच ध्वनि मत से पारित कर दिया गया। इस दौराना भाजपा सदस्य सदन के वेल में आ गए और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

शिवसेना-एनसीपी ने बीजेपी पर लगाए आरोप

शिवसेना नेता सुनील प्रभु और एनसीपी नेता नवाब मलिक ने आरोप लगाया कि भाजपा सदस्यों ने कार्यवाहक स्पीकर के साथ दुर्व्यवहार किया और अध्यक्ष के कक्ष में उनके साथ मारपीट की। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके बाद डिप्टी स्पीकर नरहरि जिरवाल ने सदन को 15 मिनट के लिए स्थगित कर दिया।

इन बीजेपी विधायकों पर हुई कार्रवाई

जिन बीजेपी विधायकों को एक साल के निलंबित किया गया है उसमें संजय कुटे, आशीष शेलार, अभिमन्यु पवार, गिरिश महाजन, अतुल भटखल्कर, पराग अलवणी, हरीश पिंपले, राम सातपुते, जयकुमार रावल, योगेश सागर, नारायण कूचे और कीर्ति कुमार का नाम शामिल है।

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