उज्जैनः महाकालेश्वर मंदिर स्थित महानिर्वाणी अखाड़े के महंत गादीपति विनीत गिरी महाराज ने गुरुवार को पद से इस्तीफा दे दिया। महाकाल मंदिर में महंत की पदवी से इस्तीफे की खबर के बाद चर्चाओं को दौर शुरू हो गया। विनीत गिरी ने इस्तीफे की खबर की पुष्टि करते हुए बताया कि लगातार अस्वस्थ होने के चलते अखाड़े को इस्तीफा भेजा है। लेकिन अब तक अखाड़े ने इस पर कोई भी निर्णय नहीं लिया है।
6 साल पहले संभाली थी गद्दी
करीब 6 साल पहले 13 मार्च को महाकाल मंदिर स्थित महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से विनीत गिरि महाराज को महंत के पद पर विराजमान कराया गया था। अखाड़े के पदाधिकारियों व अन्य साधु-संतों ने पहले उन्हें चादर ओढ़ाकर उन्हें अखाड़े की गद्दी प्रदान की थी। जिसके बाद से विनीत गिरी ने महाकालेश्वर में भस्म अर्पित करने व ओंकारेश्वर व रामेश्वर मंदिर में पूजन की जिम्मेदारी महंत के रूप में संभाली थी।
पहले के महंत ने भी स्वास्थ्य कारणों से छोड़ा था पद
इससे पहले इस गद्दी पर महंत प्रकाश पुरी पदस्थ थे। उन्होंने भी स्वास्थ्य कारणों से यह पद छोड़ दिया था। मंदिर प्रबंध समिति ने इसके बाद भस्मआरती की जिम्मेदारी अखाड़े के ही गणेश पुरी को दी थी। वहीं ओंकारेश्वर व रामेश्वर मंदिर में पूजन के लिए मंदिर समिति के शासकीय पुजारियों को पाबंद किया था।
12 मार्च 2020 को मिली थी जिम्मेदारी
12 मार्च 2020 को अखाड़े की ओर से पत्र लेकर विनीत गिरि उज्जैन आए थे। उन्होंने पत्र मंदिर समिति के तत्कालीन प्रशासक एसएस रावत को दिया था। इसके बाद मंदिर समिति की बैठक बुलाकर महंत विनीत गिरि को दी जिम्मेदारी का अनुमोदन कर दिया था। जिसके बाद से ही लगातार महानिर्वाणी अखाड़े के महंत के रुप में विनीत गिरी अपनी सेवा महाकाल मंदिर में दे रहे थे।