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संगम की रेती पर पौष पूर्णिमा पर स्नान के साथ माघ मेला की शुरुआत

By: RNI Hindi Desk 
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संगम की रेती पर पौष पूर्णिमा पर स्नान के साथ माघ मेला की शुरुआत

संगम की नगरी प्रयागराज में माघ मेला-2020 का श्रीगणेश पौष पूर्णिमा का स्नान पर्व 10 जनवरी से शुरू हो गया है। इस मौके पर गंगा- यमुना और अदृश्य सरस्वती की त्रिवेणी में लाखों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा रहे हैं।

यह मेला महाशिवरात्रि तक चलेगा। मेला प्रशासन ने प्रथम स्नान पर्व पर 32 से 40 लाख तक श्रद्धालुओं के संगम में डुबकी लगाने का अनुमान लगाया है, जो मौनी अमावस्या के दिन करीब दो करोड़ तक पहुंचेगा।

इस बार मेला क्षेत्र में भीख मांगने की इजाजत नहीं होगी। भिछुकों को हटाने के लिए भिक्षुक निरोधक दस्ते का गठन किया गया है। प्रशासन को अंदेशा है कि भिखारियों के भेष में अराजकतत्व मेले में आ सकते हैं। 

आपको बताते चलें कि, प्रयागराज़ में माघ के महीने में ही हर साल लाखों श्रद्धालु एक महीने तक संगम के तट पर रहकर मोह- माया से दूर रहते हुए कल्पवास करते हैं। समूची दुनिया में कल्पवास सिर्फ प्रयागराज़ में त्रिवेणी के तट पर ही होता है पौराणिक मान्यता है कि, पौष पूर्णिमा के दिन से ही सभी तैंतीस करोड़ देवी-देवता भी संगम की रेती पर आकर एक महीने के लिए अदृश्य रूप से यहाँ विराजमान हो जाते हैं।

वहीं मान्यताओं के मुताबिक़ संगम की रेती पर कल्पवास करने वाले को मोक्ष की प्राप्ति होती है और वह जीवन- मरण के बन्धनों से आज़ाद हो जाता है। आदिकाल से चली आ रही इस परंपरा के महत्व की चर्चा वेदों से लेकर महाभारत और रामचरितमानस में अलग-अलग नामों से मिलती है।

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