मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को लाल परेड ग्राउंड में आयोजित 11वें अंतरराष्ट्रीय वन मेले का शुभारंभ किया। इस वर्ष मेला “समृद्ध वन, खुशहाल जन” थीम पर 17 से 23 दिसंबर तक आयोजित हो रहा है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश के वन, वनोपज और वन्य-प्राणी ही प्रदेश की पहचान हैं, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य वन संरक्षण और आयुर्वेदिक चिकित्सा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने आयुर्वेद को सिर्फ बढ़ावा ही नहीं दिया, बल्कि स्वयं इसे अपनाकर इसकी महत्ता को दुनिया के सामने रखा है। डॉ. मोहन ने बताया- पहले मध्यप्रदेश में केवल 7 सरकारी आयुर्वेद कॉलेज थे, मात्र एक वर्ष में 8 नए सरकारी आयुर्वेदिक महाविद्यालय खोले गए। कोरोनाकाल में आयुर्वेदिक काढ़ा अमृत साबित हुआ और आज भी लोग आयुर्वेद पर भरोसा करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार- प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों, जिला यूनियनों, अनुसूचित जाति/जनजाति व पिछड़ा वर्ग के परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है। ट्राईफेड के माध्यम से 32 लघु वनोपजों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 25% बढ़ोतरी की गई है। उन्होंने बताया कि तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस देकर उनकी आमदनी बढ़ाई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा-
2026 में रानी दुर्गावती के नाम पर नौरादेही अभयारण्य में चीतों को बसाया जाएगा
जल्द ही जंगली गैंडे और जिराफ भी मध्यप्रदेश लाए जाएंगे
राष्ट्रीय उद्यानों और अभयारण्यों की संख्या बढ़ाई जा रही है
मध्यप्रदेश आज वन एवं वन्यजीव संरक्षण में देश के अग्रणी राज्यों में गिना जाता है।

मेले में- 350+ आयुर्वेदिक और हर्बल उत्पादों के स्टॉल, 80 आयुर्वेदिक डॉक्टर, 100 से अधिक वैद्य आमजन को निःशुल्क परामर्श देंगे। साथ ही- 10 शासकीय स्टॉल, 24 राज्यों के विशेष स्टॉल, 136 प्राइवेट स्टॉल, 26 फूड स्टॉल में परंपरागत जनजातीय व्यंजन उपलब्ध रहेंगे- अलीराजपुर का दालपानिया, छिंदवाड़ा की वन रसोई, बांधवगढ़ का गोंडी व्यंजन आदि।
कार्यक्रम में वन मंत्री दिलीप अहिरवार ने घोषणा की कि अगले चरण में उज्जैन में भी वन मेला आयोजित किया जाएगा। प्रधान मुख्य वन संरक्षक डॉ. समीता राजौरा ने कहा कि मध्यप्रदेश वन एवं वन्यजीव संरक्षण में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी है और वन मेले की शुरुआत वर्ष 2001 में हुई थी।

कार्यक्रम में विधायक भगवान दास सबनानी, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, वन विभाग के अपर मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल सहित वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।