मध्यप्रदेश के लिए 23 दिसंबर का दिन स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में ऐतिहासिक साबित होने जा रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश के धार और बैतूल जिलों को दो नए मेडिकल कॉलेजों की सौगात देने जा रहे हैं। इन परियोजनाओं से न केवल चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार होगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए शिक्षा और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
बैतूल में PPP मोड पर मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास
बैतूल जिले के पुलिस ग्राउंड में आज आयोजित भव्य कार्यक्रम में पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड पर स्वीकृत मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास किया जाएगा। करीब 300 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह मेडिकल कॉलेज जिले के हजारों मरीजों के लिए वरदान साबित होगा। इसके शुरू होने के बाद गंभीर इलाज के लिए मरीजों को भोपाल, इंदौर जैसे बड़े शहरों की ओर नहीं जाना पड़ेगा।
यह मेडिकल कॉलेज आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस होगा और क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई देगा। साथ ही, मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में स्थानीय छात्रों को बेहतर अवसर मिलेंगे।
धार में मेडिकल कॉलेज सहित 300 करोड़ से अधिक के विकास कार्य
धार जिले में भी आज मेडिकल कॉलेज के साथ-साथ धारेश्वर लोक सहित 300 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण प्रस्तावित है। इन परियोजनाओं से जिले के इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य और सार्वजनिक सुविधाओं को मजबूती मिलेगी।
357 करोड़ रुपये से अधिक के कार्यों का भूमिपूजन-लोकार्पण
बैतूल जिले में मेडिकल कॉलेज के अलावा विभिन्न विभागों के 16 कार्यों का लोकार्पण, मेडिकल कॉलेज सहित 122 कार्यों का भूमिपूजन किया जाएगा। इन सभी कार्यों की कुल लागत 357 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है। कार्यक्रम में केंद्र और राज्य सरकार के कई मंत्री, सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे।
सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारी पूरी
कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। हेलीपैड से कार्यक्रम स्थल तक कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है और यातायात को सुचारू रखने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं, ताकि आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके।
स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी नई दिशा
प्रदेश सरकार का मानना है कि इन दोनों मेडिकल कॉलेजों के निर्माण से मध्यप्रदेश के आदिवासी और ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर बदलेगी। यह पहल मध्यप्रदेश को स्वास्थ्य शिक्षा और चिकित्सा सुविधाओं के क्षेत्र में और सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।






