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WEF 2026: दावोस में योग और सांस्कृतिक संवाद पर मध्यप्रदेश-यूनाईटेड कॉन्सियसनेस ग्लोबल की अहम बातचीत

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यूनाईटेड कॉन्सियसनेस ग्लोबल द्वारा योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, विशेष रूप से जर्मनी और यूरोप के अन्य देशों में लोकप्रिय बनाने के प्रयासों की सराहना की।

By: Abhinav Tiwari 
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WEF 2026: दावोस में योग और सांस्कृतिक संवाद पर मध्यप्रदेश-यूनाईटेड कॉन्सियसनेस ग्लोबल की अहम बातचीत

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम-2026 के दौरान दावोस में मध्यप्रदेश ने योग और सांस्कृतिक संवाद के क्षेत्र में भी अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अंतरराष्ट्रीय संगठन United Consciousness Global के प्रतिनिधिमंडल से भेंट कर योग के वैश्विक प्रसार, आध्यात्मिक संवाद और भविष्य में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की।

योग के वैश्विक प्रसार की सराहना

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यूनाईटेड कॉन्सियसनेस ग्लोबल द्वारा योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, विशेष रूप से जर्मनी और यूरोप के अन्य देशों में लोकप्रिय बनाने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि योग भारत की प्राचीन और समृद्ध परंपरा है, जो आज विश्व भर में स्वास्थ्य, संतुलन और चेतना का साझा मंच बन चुका है। योग केवल शारीरिक अभ्यास नहीं, बल्कि मानवता को जोड़ने वाली जीवनशैली है।

उज्जैन में 2027 में अंतरराष्ट्रीय योग सम्मेलन का प्रस्ताव

यूनाईटेड कॉन्सियसनेस ग्लोबल के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि संगठन वर्ष 2027 में उज्जैन में एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करने की योजना बना रहा है। यह आयोजन कालिदास अकादमी में प्रस्तावित है, जिसमें विभिन्न देशों से योग, ध्यान और चेतना से जुड़े विशेषज्ञों, साधकों और विचारकों के शामिल होने की संभावना है। इसके साथ ही संगठन ने उज्जैन में एक स्थायी योग केंद्र स्थापित करने की मंशा भी व्यक्त की।

योग और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने पर सहमति

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश योग, आध्यात्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक संवाद को प्रोत्साहित करने वाले प्रयासों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखता है। उन्होंने कहा कि उज्जैन जैसे आध्यात्मिक केंद्र में इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय आयोजन प्रदेश की वैश्विक पहचान को और मजबूत करेंगे।

भविष्य में सहयोग की संभावनाएं

बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने योग, ध्यान और सांस्कृतिक आदान-प्रदान से जुड़े कार्यक्रमों में भविष्य में सहयोग की संभावनाओं पर विचार किया। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार ऐसे प्रयासों का समर्थन करने पर गंभीरता से विचार करेगी, जो भारत की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर स्थापित करने और आध्यात्मिक पर्यटन को नई दिशा देने में सहायक हों। यह संवाद दावोस में मध्यप्रदेश की उस रणनीति को दर्शाता है, जिसके तहत राज्य केवल निवेश ही नहीं, बल्कि योग, संस्कृति और आध्यात्म के माध्यम से भी विश्व के साथ सार्थक और दीर्घकालिक संबंध स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

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