नीति आयोग द्वारा जारी निर्यात तत्परता सूचकांक (Export Preparedness Index – EPI) 2024 में मध्यप्रदेश ने उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज करते हुए देश के 17 बड़े राज्यों में 9वां स्थान हासिल किया है। 57 अंकों के साथ प्रदेश न केवल ‘चैलेंजर’ श्रेणी में शामिल हुआ है, बल्कि इस श्रेणी के सभी राज्यों में शीर्ष स्थान पर रहा है। यह सफलता राज्य की निर्यात-संवर्धन नीतियों, बेहतर व्यापार पारिस्थितिकी तंत्र और निरंतर सुधारों का प्रतिफल है।
इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता निर्यात-अनुकूल नीतियों, व्यापार सुगमता सुधारों और उद्यम प्रोत्साहन पहलों का परिणाम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार निर्यात को आर्थिक विकास का प्रमुख इंजन मानते हुए आगे बढ़ रही है और आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश को ‘लीडर’ श्रेणी में पहुंचाने का लक्ष्य है।
नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार ‘चैलेंजर’ श्रेणी में शामिल मध्यप्रदेश, हरियाणा, केरल और पश्चिम बंगाल में मध्यप्रदेश ने पहला स्थान प्राप्त किया। प्रदेश ने हरियाणा (55.01), केरल (53.76) और पश्चिम बंगाल (53.03) जैसे स्थापित औद्योगिक राज्यों को पीछे छोड़ते हुए अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।
EPI-2024 में राज्यों का आकलन चार प्रमुख स्तंभों- निर्यात अवसंरचना, व्यापार पारिस्थितिकी तंत्र, नीति एवं शासन, निर्यात प्रदर्शन के अंतर्गत 70 संकेतकों पर किया गया। इन सभी क्षेत्रों में मध्यप्रदेश ने निरंतर सुधार के साथ अपनी निर्यात क्षमता को सुदृढ़ किया है।
मध्यप्रदेश के निर्यात में हाल के वर्षों में स्थिर और मजबूत वृद्धि देखने को मिली है।
FY 2020-21: ₹47,959 करोड़
FY 2024-25: ₹66,218 करोड़
यह बढ़त राज्य सरकार की निर्यात-संवर्धन रणनीतियों और उद्योग-अनुकूल वातावरण का परिणाम है।
राज्य सरकार ‘एक जिला-एक उत्पाद (ODOP)’ को निर्यात से जोड़ने के लिए व्यापक रणनीति पर काम कर रही है। Export-ODOP कार्यशालाओं के जरिए किसानों, कारीगरों और उद्यमियों को वैश्विक बाजारों से जोड़ा जा रहा है। साथ ही Export & ODOP Accelerator कार्यक्रम के तहत नए उत्पादों और उद्यमियों को तकनीकी, विपणन और नीतिगत सहयोग दिया जा रहा है।
प्रदेश सरकार अन्य राज्यों के माध्यम से होने वाले अप्रत्यक्ष निर्यात की पहचान कर संबंधित इकाइयों को स्वतंत्र निर्यातक के रूप में विकसित करने के लिए हैंडहोल्डिंग और समर्थन उपलब्ध कराएगी। इससे कुल वस्तु निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है।
राज्य शासन द्वारा संचालित निर्यात हेल्पलाइन (0755-257-7145) निर्यातकों, उद्यमियों और किसानों के लिए मार्गदर्शन का प्रभावी माध्यम बनकर उभरी है। यह हेल्पलाइन तकनीकी सहायता, बाजार जानकारी और नीतिगत मार्गदर्शन देकर निर्यात प्रक्रिया को सरल बना रही है।
आगे की रणनीति में राज्य सरकार लॉजिस्टिक्स अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण, MSME निर्यात एकीकरण, जिला स्तरीय निर्यात संवर्धन और ODOP कार्यक्रम के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है। इसका उद्देश्य मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय और वैश्विक निर्यात मानचित्र पर और अधिक सशक्त बनाना है।