यूपी की राजधानी लखनऊ में पिछले 66 दिनों से चल रहे नागरिकता संशोधन कानून औन एनआरसी के विरोध में धरना प्रदर्शन अचान स्थगित कर दिया गया है। पुलिस आयुक्त को प्रदर्शनकारी महिलाओं ने सूचना देते हुए कहा कि, वो फिलहाल कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए इस धरने को स्थगित कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि जब कोरोना के संबंध में सरकार द्वारा दिए गए लॉकडाउन के आदेश की अवधि समाप्त हो जाएगी, सभी महिलाएं फिर से उसी जगह पर प्रदर्शन चालू रखेंगी। हालांकि धरना स्थल खाली करने के बाद भी महिलाओं ने सांकेतिक प्रदर्शन के लिए वहां अपने दुपट्टे छोड़ दिए हैं।
बताते चलें कि, महिलाओं ने रविवार रात तीन बजे धरना स्थगित करने का फैसला लिया, जिसके बाद पुलिस की निगरानी में सभी को घर पहुंचाया गया। महिलाओं ने कहा कि, अगर हम में से किसी को कोरोना जैसी बीमारी हो जाती, तो हमारा धराना हमेशा के लिए बदनाम हो जाता। हमें हमेशा इस बदनामी के साथ जीना पड़ता। इसलिए हमने देशहित के लिए यह निर्णय लिया है कि जबतक लॉकडाउन है तबतक धरना स्थगित रहेगा, लेकिन समाप्त नहीं। वहीं अपर मुख्य सचिव(गृह) अवनीश कुमार अवस्थी ने इसे लेकर कहा कि घंटाघर का धरना अब खत्म हो चुका है।
गौरतलब हो कि इस वक्त कोरोना महामारी की वजह से देश में अफरा तफरी मची हुई है, अंतरराष्ट्रीय उड़ाने रोक दी गई है, दिल्ली में 31 मार्च तक लॉकडाउन कर दिया गया है। साथ ही उत्तर प्रदेश में कई जिले लॉकडाउन किए जा चुके हैं।