(कुशीनगर से शैलेन्द्र गुप्ता की रिपोर्ट)
कुशीनगर जनपद के पूर्व माध्यमिक विद्यालय महुअवा में छात्रों की संख्या पच्चास है। इस स्कूल पर दो शिक्षक तैनात है इन दो शिक्षकों में से एक शिक्षक यगेन्द्र कुमार कभी भी स्कूल नहीं जाता, और न ही बच्चों को शिक्षा देता है। अपने दबंगई के चलते अपने विभाग पर भी हावी रहता है और विभाग कुछ कर नहीं पाता है।
इस विभाग की कौन सी मजबूरी है कि जांच में कमी पाए जाने के वावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं हो पाती है और वेतन मिलता रहता है। इस स्कूल के बच्चे अपने भविष्य को लेकर परेशान है। बच्चों ने बताया कि, उनके टीचर कभी नहीं आते, तो वहीं दूसरे टीचर अमित कुमार जो दूसरे जिले के है बच्चों को नियमित होकर शिक्षा देने का कार्य करते है।
साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि, यगेन्द्र कुमार की जांच कोई भी करे कोई फर्क नही पड़ता और टाइम से वेतन मिल जाता है। स्कूल के उपस्थिति रजिस्टर पर दबंगई से एक एक महीने का हस्ताक्षर बना देता है इसके डर से दूसरा अधयापक कुछ बोल नहीं पाते हैं।
स्कूल की जिम्मेदारी एक ही शिक्षक पर है बच्चे बताते है कि, यगेन्द्र सर कभी भी आते नही कभी कभी आकर अपना हस्ताक्षर बना कर चले जाते है और हम लोगों को पढ़ाते भी नही जांच जब होती है तो पता ही नही चलती ऐसे में हम लोगो की पढ़ाई हो नही पाती।
स्कूल जांच करने आए ब्लॉक के शिक्षक संघ के अध्यक्ष RD यादव भी कहते है कई बार यगेन्द्र के बारे शिकायत की गई है लेकिन विभाग के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जाती। विभाग के साठगांठ से इनका काम चलता है, दस वर्षो से कार्यरत यह शिक्षक अपना हॉस्पिटल चलाता है फिर कार्रवाई के लिए विभाग को शिकायत की जाएगी। इस विद्यालय के शिक्षक की दबंगई और स्कूल न जाने के संदर्भ में BSA से पूछा गया तो वह कार्रवाई करने की बात कही।