रिपोर्ट: सत्यम दुबे
नई दिल्ली: पीएम मोदी के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में लखनऊ की सुरक्षित सीट मोहनलालगंज से लगातार दूसरी बार सांसद बने कौशल किशोर को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। दूसरे कार्यकाल में हुए पहले कैबिनेट विस्तार में 43 नेताओं में सात नाम उत्तर प्रदेश से हैं। जिसमें कौशल किशोर भी शामिल हैं। 61 वर्षीय कौशल किशोर ने लखनऊ से राजनीति शुरु की थी, आज केंद्रीय मंत्री बनने का मौका मिलने के साथ ही दिल्ली पहुंच गये।

आपको बता दें कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी से राजनीति शुरू करने वाले कौशल किशोर ने साल 1999 में खुद की पार्टी बनाई। उसका नाम राष्ट्रवादी कम्युनिष्ट पार्टी रखा। इसका अध्यक्ष शाइस्ता अंबर को बनाया जबकि खुद महासचिव बने। दलित उत्पीडऩ समेत जनहित के मुद्दों पर प्रदर्शन करने वाले कौशल किशोर को मलिहाबाद की जनता ने चुनकर विधानसभा भेजा था।

इसके बाद साल 2002 में निर्दलीय विधायक बनने के साथ ही समाजवादी पार्टी को समर्थन देने से उन्हें श्रम राज्यमंत्री का दर्जा दिया गया लेकिन वह आठ माहीने ही मंत्री रह पाए। साल 2014 के लोकसभा चुनाव में वह भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा ने उन्हें मोहनलालगंज सीट से टिकट दिया और वह सांसद बन गए। साल 2019 में भाजपा ने उन्हें दोबारा टिकट दिया और वह फिर से सांसद बन गए।

मोदी के मंत्रिमंडल विस्तार में सांसद कौशल किशोर को केंद्रीय मंत्री बनाया गया है। उनके मंत्री बनने के साथ ही क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। सांसद के दुबग्गा आवास पर मिठाई बांटकर प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। कौशल किशोर की पत्नी भी विधायक है साल 2017 के विधानसभा चुनाव में उनकी पत्नी जय देवी मलिहाबाद विधानसभा सीट से विधायक चुनी गईं थीं। विधायक बनने से पहले गृहणी रहीं जय देवी ने समय के साथ अपने में परिवर्तन किया और जनता के बीच खुद को लोकप्रिय बना लिया।