जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुला को मंगलवार रिहा कर दिया गया है। वह जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से नजरबंद थे। बाद में उन पर पब्लिक सिक्योरिटी एक्ट भी लगा दिया गया था, जिसे जम्मू कश्मीर सरकार ने अब हटा लिया है।
उमर को कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद रिहा किया गया है। जिसके बाद उन्होंने घर पहुंचकर कहा कि इन कठिन परिस्थितियों में महबूबा मुफ्ती और अन्य सभी राजनीतिक और गैर-राजनीतिक नेताओं को भी रिहा किया जाना चाहिए।
इस दौरान उन्होंने कहा कि मैंने सोचा था कि मैं अपनी शर्तों पर ही बात करूंगा लेकिन कोरोना वायरस से हमें एकजुट होकर लड़ना होगा, इस वजह से मैं आपके सामने अपनी बात रखने के लिए आया हूं।