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जेपी नड्डा का सोनिया गाँधी पर बड़ा वार, पढ़े

By: RNI Hindi Desk 
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जेपी नड्डा का सोनिया गाँधी पर बड़ा वार, पढ़े

नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों की तरफ से किया जा रहे प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। दोनों तरफ से लगातार जवाबी हमले हो रहे हैं।

कृषि कानूनों को लेकर बीजेपी और कांग्रेस में घमासान जारी है। गुरुवार शाम को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने सोनिया गांधी का एक पुराना वीडियो ट्वीट किया। इसके साथ नड्डा ने लिखा कि इस वीडियो से साफ पता चल रहा है कि कांग्रेस किसानों को भ्रमित कर रही है।

जेपी नड्डा ने वीडियो को ट्वीट करते हुए लिखा कि किसानों को भ्रमित करने और उन्हें उनके अधिकारों से वंचित रखने वाली कांग्रेस का सच फिर उजागर हुआ है। सोनिया गांधी जी पहले किसानों के लिए बिचौलिया मुक्त बाजार की वकालत करती थी और अब इसका विरोध करती हैं। ये कांग्रेस की मौकापरस्त सोच, कम जानकारी व बार-बार बात से पलटने का प्रमाण है।

बीजेपी प्रमुख जेपी नड्डा ने सोनिया गांधी के जिस पुराने वीडियो को शेयर किया है, उस वीडियो में सोनिया गांधी किसी मंच से किसानों के बारे में भाषण दे रही हैं। सोनिया गांधी वीडियो में कहती हैं, ”किसानों की फसल सस्ते से सस्ते दामों में खरीदी जाती है और महंगे से महंगे दामों में शहर में बेची जाती है।

उन्होंने आगे कहा मैं पूछना चाहती हूं कि क्या किसानों का हक नहीं बनता है कि उनकी पैदावार की सही कीमत उन्हें मिले? क्या शहर में आम इंसान का ये हक नहीं बनता है कि रोजमरा की जरूरत की चीजें उन्हें भी सही दाम पर मिले? ये तब सम्भव होगा जब किसान बिना किसी बिचौलिए के अपनी पैदावर और चीजें शहर तक पहुंचाएंगे।”

बताते चलें कि किसानों के आंदोलन को लेकर बीजेपी लगातार कांग्रेस को निशाना बना रही है। बीजेपी ने कांग्रेस पर लगातार यही आरोप लगाती आ रही है कि कांग्रेस पार्टी किसानों को भ्रमित कर उन्हें आंदोलन करने के लिए मजबूर कर रही है।

इतना ही नहीं, बीजेपी पर कांग्रेस भी हमलावर है और राहुल गांधी लगातार आरोप लगाते रहे हैं। इन आरोपों को बीजेपी ने‘‘निराधार और तर्कहीन’’ करार दिया है और राहुल गांधी को चुनौती दी है कि वह इस बारे में खुली बहस कर लें कि कांग्रेस ने सत्ता में रहने के दौरान किसानों के लिए क्या किया और मोदी सरकार ने क्या किया है।

दिल्ली की अलग-अलग सीमा पर पिछले 30 दिनों से तीन नए कृषि कानून को लेकर किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है। आंदोलन कर रहे है किसानों की मांग है कि तीनों कृषि कानूनों को रद्द किया जाए।

किसान नेताओं का कहना है कि अगर सरकार बिना किसी शर्त के तीनों कानूनों को निरस्त करने पर राजी होती है तो ही वो धरना खत्म करने के बारे में विचार करेंगे। किसान नेताओं और केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की इस दौरान कई बार बैठक भी हो चुकी है लेकिन वो सारी वार्ता बेनतीजा रही है।

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