Home मीडिया जगत पूर्व मंत्री एमजे अकबर पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली पत्रकार रिहा…

पूर्व मंत्री एमजे अकबर पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली पत्रकार रिहा…

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रिपोर्ट- पल्लवी त्रिपाठी

केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर पर साल 2018 में मीटू आंदोलन के तहत पत्रकार प्रिया रमानी ने यौन उत्पी़ड़न का आरोप लगाया था । जिसके बाद एमजे अकबर ने पत्रकार पर आपराधिक मानहानि के आरोप में मामला दर्ज करवाया था । हालांकि, कोर्ट ने प्रिया को केस से बरी कर दिया है । दिल्ली की एक अदालत ने यह कहकर प्रिया को रिहा कर दिया है कि ‘महिला को अधिकार है कि वो अपने दुख या आपबीती को किसी भी प्लेटफॉर्म पर कितने भी समय बाद रख सकती है । प्रतिष्ठा के अधिकार की रक्षा, आत्मसम्मान और शील के अधिकार की कीमत नहीं की जा सकती ।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 23 साल की प्रिया ने जब जल्द ही लॉंच होने वाले अखबार एशियन एज में अपने पहले जॉब के लिए आवेदन किया था तो उन्हें इंटरव्यू के लिए होटल में बुलाया गया था । प्रिया को लगा कि इंटरव्यू या तो लॉबी में होगा या कैफे में । लेकिन अकबर ने उन्हें अपने कमरे में आने पर ज़ोर दिया । उस वक्त प्रिया अपने इंटरव्यू के लिए शर्त रखने की स्थिति में नहीं थीं ।

रिपोर्ट्स के अनुसार, जब प्रिया होटल के कमरे में पहुंचीं तो वहां काफी असहज महसूस कर रही थीं क्योंकि वह अंतरंग जैसा माहौल था, खासकर बेडरूम । तब वहां अकबर ने बार-बार निजी सवाल पूछे, शराब पीने का प्रस्ताव दिया, तेज़ आवाज़ में गाने गाकर दबदबा बनाया और प्रिया से नज़दीक बैठने की ज़िद की । प्रिया ने बताया था कि उन्होंने यह पूरी घटना अपनी सहेली नीलोफर को उसी रात बताई थी ।

साथ ही प्रिया ने खुलकर कहा कि उनके इस साहस के बाद और भी महिलाएं सामने आकर इस प्रीडेटर के खिलाफ बोलेंगी। जिसके बाद उनके ट्वीट पर भड़के अकबर ने कहा था कि जब 20 साल पहले वो पत्रकार थे, तब की किसी घटना को उस वक्त दोहराना, जब वो मंत्री हैं, उनकी छवि को खराब करने की साज़िश थी । लेकिन प्रिया अपने बयान पर अड़ी रहीं और अकबर ने उनके खिलाफ मानहानि का दावा दायर कर दिया. इस पूरे एपिसोड के बाद वो हुआ, जिसकी उम्मीद प्रिया ने की थी ।

कई और महिलाओं ने भी अकबर के खिलाफ इसी तरह के आरोप लगाए । जिसके चलते अकबर को केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा । प्रिया के इस कदम से अकबर का राजनीतिक करियर बर्बाद हो गया । हालांकि, अकबर कोर्ट में कहते रहे कि प्रिया के आरोप झूठे हैं, लेकिन प्रिया ने साबित कर दिया कि उनका ​आरोप जनहित में था ।

बता दें कि प्रिया रमानी ने पत्रकार के तौर पर सन् 1994 में एशियन एज के साथ पत्रकारिता में अपना करियर शुरू किया था। प्रिया ने रॉयटर्स, एले, इंडिया टुडे, कॉस्मो​पॉलिटन मैगज़ीन, मिंट लाउंज जैसे समूहों के साथ जुड़कर लेखन और पत्रकारिता की । इसके अलावा उन्होंने लाइव मिंट, इंडियन एक्सप्रेस और वोग इंडिया के लिए बतौर लेखक और स्तंभकार के रूप में भी जुड़ी रहीं ।

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