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बाढ़ 2027 से पहले अलर्ट हुआ सिंचाई विभाग, बंधों और कटान प्रभावित गांवों की सुरक्षा पर फोकस

गोरखपुर में सिंचाई विभाग ने बाढ़ 2027 की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक की। मुख्य अभियंता विकास कुमार सिंह की मौजूदगी में चार विभागीय खंडों के अधिकारियों ने प्रस्तावित परियोजनाओं पर चर्चा की। कार्ययोजना में बंधों और रेगुलेटर्स की सुरक्षा, ड्रेनेज की सफाई तथा कटान प्रभावित आबादी की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है।

By: Nivedita 
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बाढ़ 2027 से पहले अलर्ट हुआ सिंचाई विभाग, बंधों और कटान प्रभावित गांवों की सुरक्षा पर फोकस

गोरखपुर । आगामी बाढ़ 2027 से निपटने के लिए सिंचाई विभाग ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। बाढ़ के दौरान होने वाले नुकसान को कम करने के उद्देश्य से बंधों की मजबूती, रेगुलेटर्स की सुरक्षा, जल निकासी व्यवस्था और कटान प्रभावित आबादी को सुरक्षित रखने के लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इसी सिलसिले में गोरखपुर स्थित बाढ़ मंडल कार्यालय में मुख्य अभियंता विकास कुमार सिंह की मौजूदगी में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

चार विभागीय खंडों की तैयारियों की समीक्षा

बैठक में बाढ़ मंडल गोरखपुर के अंतर्गत आने वाले चार प्रमुख खंडों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इनमें बाढ़ खंड गोरखपुर, ड्रेनेज खंड गोरखपुर, संत कबीर नगर और बाढ़ खंड-दो गोरखपुर शामिल रहे। अधिकारियों ने आगामी बाढ़ से पहले प्रस्तावित कार्यों और नई परियोजनाओं की जानकारी प्रस्तुत की। साथ ही पिछले बाढ़ सत्र के दौरान सामने आई समस्याओं, बंधों की स्थिति और बाढ़ सुरक्षा से जुड़ी संरचनाओं की समीक्षा भी की गई।

 

बाढ़ 2027 से पहले अलर्ट हुआ सिंचाई विभाग, बंधों और कटान प्रभावित गांवों की सुरक्षा पर फोकस

बाढ़ सुरक्षा परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा तैयार 

मुख्य अभियंता विकास कुमार सिंह के अनुसार, आगामी बाढ़ 2027 के लिए तैयार की जा रही परियोजनाओं में पिछली बाढ़ के अनुभवों को ध्यान में रखा जा रहा है। नई योजनाओं का निर्माण निर्धारित तकनीकी मानकों और शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कराने पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री और संबंधित मंत्री के निर्देशों को भी प्रस्तावित कार्ययोजना में शामिल किया गया है। परियोजनाओं को प्राथमिकता के अनुसार अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर जरूरी कार्यों को पहले पूरा कराने की रणनीति तैयार की जा रही है।

 

 

बंधों और रेगुलेटर्स की सुरक्षा पर विशेष जोर

आगामी बाढ़ से बचाव के लिए विभाग ने चार प्रमुख बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया है।

बंधों की सुरक्षा: बाढ़ के दबाव से बंधों को सुरक्षित रखने और कमजोर हिस्सों की पहचान करने पर जोर।
रेगुलेटर्स की सुरक्षा: बाढ़ नियंत्रण व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले रेगुलेटर्स को सुरक्षित रखने की तैयारी।
ड्रेनेज की सफाई: जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए रेगुलेटर्स से संबंधित नालों और ड्रेनेज की सफाई।
कटान प्रभावित आबादी की सुरक्षा: बंधों के नजदीक और नदी कटान से प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी उपायों की योजना।
विभाग का मानना है कि इन कार्यों को समय रहते पूरा करने से बाढ़ के दौरान संभावित जोखिमों को कम करने में मदद मिल सकती है।

पिछली बाढ़ की समस्याओं से लिया जाएगा सबक

समीक्षा बैठक में पिछले बाढ़ सत्र के दौरान बंधों और अन्य संरचनाओं से जुड़ी समस्याओं पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि नई परियोजनाओं के प्रस्ताव तैयार करते समय इन अनुभवों को ध्यान में रखा जाए, ताकि भविष्य में बाढ़ के समय सुरक्षा व्यवस्था अधिक प्रभावी हो सके। इसके साथ ही परियोजनाओं की उपयोगिता, निर्माण की गुणवत्ता और निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुपालन पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

प्रस्तावों की समीक्षा के बाद आगे बढ़ेगी कार्रवाई

बैठक में चारों खंडों के अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों का परीक्षण किया जा रहा है। समीक्षा पूरी होने के बाद प्राथमिकता के आधार पर परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के संबंध में निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल सिंचाई विभाग का मुख्य लक्ष्य बाढ़ 2027 से पहले आवश्यक तैयारियों को पूरा करना है। बंधों की मजबूती, रेगुलेटर्स की सुरक्षा, जल निकासी व्यवस्था और कटान प्रभावित आबादी की सुरक्षा से जुड़े कार्यों पर होने वाली प्रगति आगामी बाढ़ के दौरान नुकसान कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

 

रिपोर्ट – अंकित श्रीवास्तव 

 

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