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पन्ना शिक्षा विभाग में वित्तीय अनियमितताओं की जांच तेज, 12 छात्रावास अधीक्षकों को रिकॉर्ड सहित सागर तलब

पन्ना शिक्षा विभाग में वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतों के बाद जांच तेज हो गई है। सागर संभाग ने 12 छात्रावास अधीक्षकों को मूल अभिलेखों सहित तलब किया है। मामले में दस्तावेजों और बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

By: Nivedita 
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पन्ना शिक्षा विभाग में वित्तीय अनियमितताओं की जांच तेज, 12 छात्रावास अधीक्षकों को रिकॉर्ड सहित सागर तलब

मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के शिक्षा विभाग में वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर जांच प्रक्रिया तेज हो गई है। पूर्व जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) अजय कुमार गुप्ता के कार्यकाल से जुड़े मामलों की जांच के तहत सागर संभाग के अधिकारियों ने महत्वपूर्ण कार्रवाई शुरू की है। इस कदम के बाद शिक्षा विभाग और प्रशासनिक हलकों में मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

12 छात्रावास अधीक्षकों को मूल अभिलेखों सहित उपस्थित होने के निर्देश

लोक शिक्षण संभाग, सागर के संयुक्त संचालक कार्यालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार पन्ना जिले के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, नेताजी सुभाष चंद्र बोस छात्रावास तथा सीडब्ल्यूएसएन (CWSN) बालक छात्रावास से जुड़े कुल 12 अधीक्षकों को 6 अगस्त 2026 को सुबह 11 बजे सागर कार्यालय में उपस्थित होने के लिए कहा गया है। सभी संबंधित अधिकारियों को अपने मूल अभिलेखों एवं वित्तीय रिकॉर्ड साथ लाने के निर्देश दिए गए हैं।

जिला पंचायत सदस्य की शिकायत के बाद शुरू हुई कार्रवाई

जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई जिला पंचायत सदस्य रामकुमार चौधरी द्वारा की गई शिकायत के आधार पर प्रारंभ हुई है। शिकायत में पूर्व डीपीसी के कार्यकाल के दौरान शिक्षा केंद्रों एवं छात्रावासों में वित्तीय अनियमितताओं, प्रशासनिक गड़बड़ियों तथा पद के दुरुपयोग के आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों की जांच के लिए संयुक्त संचालक स्तर पर जांच समिति गठित की गई है।

दस्तावेजों की होगी विस्तृत जांच

निर्धारित तिथि पर अधीक्षकों के बयान दर्ज किए जाएंगे तथा उनके द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों और वित्तीय अभिलेखों का विस्तृत परीक्षण किया जाएगा। जांच का उद्देश्य शिकायत में लगाए गए आरोपों की तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट करना और आवश्यकतानुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

 

छात्रावासों के संचालन और खर्च की होगी समीक्षा

जांच के दौरान छात्रावासों में उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं, सरकारी बजट के उपयोग, वित्तीय अभिलेखों तथा प्रशासनिक प्रक्रियाओं की भी समीक्षा किए जाने की संभावना है। लंबे समय से छात्रावासों के संचालन और संसाधनों के उपयोग को लेकर विभिन्न स्तरों पर सवाल उठते रहे हैं, जिनकी अब आधिकारिक जांच की जा रही है।

शिक्षा विभाग में बढ़ी हलचल

जांच संबंधी नोटिस जारी होने के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के बीच हलचल बढ़ गई है। माना जा रहा है कि जांच के दौरान उपलब्ध दस्तावेजों और बयानों के आधार पर संबंधित मामलों में आगे की प्रशासनिक कार्रवाई तय की जाएगी।

जांच के निष्कर्षों पर टिकी निगाहें

अब सभी की नजर 6 अगस्त को सागर में होने वाली जांच प्रक्रिया पर है। दस्तावेजों की जांच और संबंधित अधिकारियों के बयानों के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायत में लगाए गए आरोप कितने सही पाए जाते हैं और मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाती है। फिलहाल जांच जारी है और संबंधित आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना शेष है।

 

रिपोर्ट – राजेश रावत

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