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भीलवाड़ा में ‘मध्य प्रदेश में निवेश के अवसर’ पर इंटरैक्टिव सत्र, सीएम डॉ. मोहन यादव ने उद्यमियों को किया आमंत्रित

राजस्थान के भीलवाड़ा में आयोजित निवेश संवाद में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने टेक्सटाइल, ऊर्जा, फूड प्रोसेसिंग सहित कई क्षेत्रों में मध्य प्रदेश में निवेश के अवसर गिनाए और बड़ी रियायतों का भरोसा दिलाया।

By: Abhinav Tiwari 
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भीलवाड़ा में ‘मध्य प्रदेश में निवेश के अवसर’ पर इंटरैक्टिव सत्र, सीएम डॉ. मोहन यादव ने उद्यमियों को किया आमंत्रित

भीलवाड़ा (राजस्थान)। राजस्थान की टेक्सटाइल सिटी भीलवाड़ा में आयोजित “मध्य प्रदेश में निवेश के अवसर” विषयक इंटरैक्टिव सत्र में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Dr. Mohan Yadav ने देशभर के उद्यमियों को मध्य प्रदेश में निवेश के लिए खुला आमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश आज उद्योग, निवेश और नवाचार के लिए अपार संभावनाओं वाला राज्य बन चुका है और सरकार निवेशकों को हर स्तर पर सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।

टेक्सटाइल सहित कई क्षेत्रों में निवेश की बड़ी संभावनाएं

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भीलवाड़ा देशभर में टेक्सटाइल हब के रूप में जाना जाता है और मध्य प्रदेश में भी टेक्सटाइल सेक्टर में बड़े अवसर उपलब्ध हैं। इसके साथ ही उन्होंने नवीकरणीय ऊर्जा, फूड प्रोसेसिंग, लॉजिस्टिक्स, फार्मास्यूटिकल्स और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों को निवेश के लिए प्राथमिक क्षेत्र बताया। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास से न केवल रोजगार सृजन होगा, बल्कि राज्य और देश की आर्थिक समृद्धि भी सुनिश्चित होगी।

उद्योग मंत्रालय अपने पास रखकर सीधा संवाद

सीएम डॉ. यादव ने बताया कि उन्होंने उद्योग मंत्रालय अपने पास इसलिए रखा है, ताकि उद्यमियों से सीधा संवाद कर सकें और नीतिगत बाधाओं को तुरंत दूर किया जा सके। उन्होंने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, नीतियों के सरलीकरण और पारदर्शिता पर जोर देते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि निवेशकों को एक सहज और भरोसेमंद वातावरण मिले।

बड़े निवेशकों को मिलेंगी विशेष रियायतें

मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि 4,000 से 5,000 करोड़ रुपये जैसे बड़े निवेश प्रस्तावों के लिए सरकार कैबिनेट सब-कमेटी (CCIP) के माध्यम से नीति से ऊपर जाकर भी विशेष रियायतें देने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार बड़े प्रोजेक्ट्स को तेजी से मंजूरी देने और समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दे रही है।

राजस्थान-मध्य प्रदेश का ‘भाई-भाई’ का रिश्ता

डॉ. मोहन यादव ने राजस्थान और मध्य प्रदेश के संबंधों को भाई-भाई का संबंध बताते हुए कहा कि दोनों राज्यों ने आपसी सहयोग से चंबल नदी से जुड़े 20 साल पुराने जल विवाद (PKC योजना) को सुलझाया है। यह उदाहरण अंतर-राज्यीय सहयोग की मजबूत मिसाल है।

उद्यमी समाज की रीढ़

मुख्यमंत्री ने उद्यमियों को समाज की आजीविका का प्रमुख स्रोत बताते हुए कहा कि औद्योगिक प्रगति से ही देश आत्मनिर्भर बन सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार उद्यमियों को सम्मान की दृष्टि से देखती है और उनके हर कदम में साझेदार बनकर खड़ी है।

कार्यक्रम में ये प्रमुख हस्तियां रहीं मौजूद

इस अवसर पर राजस्थान सरकार के सहकारिता मंत्री Gautam Dak, भीलवाड़ा के सांसद Damodar Agarwal, राज्यसभा सांसद एवं वाल्मीकि धाम के पीठाधीश्वर Bal Yogi Umesh Nath Maharaj, भाजपा जिला अध्यक्ष (भीलवाड़ा) सहित कई राजनीतिक प्रतिनिधि उपस्थित रहे। वरिष्ठ अधिकारियों में मध्य प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव Raghvendra Kumar Singh और Madhya Pradesh Industrial Development Corporation के प्रबंध संचालक Chandramouli Shukla मौजूद रहे। उद्योग जगत की ओर से संगम ग्रुप के चेयरमैन R. P. Soni, राजस्थान टेक्सटाइल मिल्स एसोसिएशन के चेयरमैन Dr. S. N. Modani, मेवाड़ चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष Mewar Chamber of Commerce के प्रतिनिधि, आरसीएम ग्रुप, ओस्तवाल समूह, नितिन स्पिनर्स सहित कई प्रमुख औद्योगिक समूहों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में उद्यमी शामिल हुए।

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