प्राचीन नगरी काशी में होली का त्यौहार बड़े ही उत्साह और हर्षोल्लाल्स के साथ मनाया जाता है। दो दिन मनाए जाने पर्व होली की रौनक वाराणसी में देखते ही बनती हैं। गंगा के तट पर स्थित वाराणसी, भारत के पवित्र और प्राचीन शहरों की श्रेणी में आता है।
यहां मनाई जानी होली में सिर्फ भारतीय ही नहीं बल्कि विदेशी पर्यटक भी खूब बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हैं। होली के पावन पर्व पर लोग यहां के गंगा के घाटों पर एक दूसरे पर रंग फेंकते हुए, लजीज व्यंजनों का स्वाद लेते हुए आपको नजर आएगे। वाराणसी में होली का जश्न होलिका दहन कर मनाया जाता है।
जिसे बुराई पर अच्छाई का प्रतीक कहा गया है। होलिका दहन के दिन काशी में होलिका में एक उबटन को फेंका जाता है, माना जाता है कि, ऐसा करने से लोग बीमारी मुक्त रहते हैं। होलिका दहन होने के बाद होलिका की राख से फिर लोग एकदूसरे के माथे पर तिलक लगाकर होली की बधाई दिया।होलिका दहन के दूसरे दिन होली का पर्व बड़े धूमधाम से मनाया ।
होली के रंग होली के रंग गंगा के तट पर होली के रंग बिरंगे रंग देखकर आपको भी एकबार होली खेलने का मन करेगा।आपने कई फिल्मों में देखा होगा कि, ऐसे तो वाराणसी अरभंगियों का शहर है अगर वाराणसी मैं आकर यहां की घाट यहां की गली यहां के नाव यहां के सांड वाराणसी पान वाराणसी साड़ी वाराणसी की मलइयो, ठंडाई अपने आप में खास है।