अब मेट्रो ट्रेन बंगाली चौराहा से एयरपोर्ट तक अंडरग्राउंड दौड़ेगी, जिससे 1600 करोड़ रुपए की अतिरिक्त लागत आएगी। मंत्री की सहमति के बाद यह प्रस्ताव प्रस्ताव पर मेट्रो के निर्देशक मंडल से सहमति ली जा रही है।
मध्य प्रदेश के आर्थिक शहर इंदौर में मेट्रो ट्रेन बंगाली चौराहा से एयरपोर्ट के बीच अंडरग्राउंड दौड़ने की योजना को मंजूरी मिल गई है। कंपनी के शीर्ष अधिकारियों और कंसल्टेंसी एजेंसी की रिपोर्ट के बाद इस अंडरग्राउंड ट्रैक के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई है। इससे पहले यहां एलिवेटेड ब्रिज बनाने की योजना थी, जिसका स्थानीय विरोध हो रहा था। इस 3.6 किमी लंबे अंडरग्राउंड ट्रैक पर 1600 करोड़ रुपए की अतिरिक्त लागत आएगी और इसके अंतर्गत तीन स्टेशन भी बनाए जाएंगे।
यह निर्णय नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद लिया गया। बैठक में शहर में मेट्रो की एंट्री के लिए तीन विकल्पों पर चर्चा की गई थी। फिजिबिलिटी रिपोर्ट के आधार पर बंगाली चौराहा से एमजी रोड तक अंडरग्राउंड ट्रैक की सिफारिश की गई, जिस पर मंत्री ने सहमति जताई। हालांकि यह रिपोर्ट एक महीने में पेश होनी थी, लेकिन तकनीकी कारणों से देरी हो गई। अब यह प्रस्ताव मेट्रो निदेशक मंडल, राज्य और केंद्र सरकारों, और वित्तीय एजेंसियों से स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।
परियोजना की पृष्ठभूमि और लागत
नवंबर 2018 में जब भारत सरकार ने इंदौर मेट्रो के 31.55 किमी प्रोजेक्ट को मंजूरी दी थी, तब इसकी अनुमानित लागत 7500.80 करोड़ रुपए थी। इसमें एयरपोर्ट से गांधी नगर, सुपर कॉरिडोर, विजय नगर, रिंग रोड, बंगाली चौराहा, पलासिया और एमजी रोड (टीआई मॉल के सामने) तक का एलिवेटेड ट्रैक प्रस्तावित था। अब बंगाली चौराहा से एयरपोर्ट तक का हिस्सा अंडरग्राउंड हो जाएगा, जिससे लागत में 1600 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हो रही है।
अंडरग्राउंड रूट के लाभ
बंगाली चौराहा से टीआई मॉल के बीच अंडरग्राउंड ट्रैक बनने से कई समस्याओं का समाधान हो जाएगा। पहले की योजना के अनुसार, कनाड़िया रोड से लेकर पलासिया चौराहा तक कई घरों और धार्मिक स्थलों को तोड़ने की जरूरत थी, जिसे अब टाल दिया गया है। एमजी रोड के संकुचित होने की आशंका भी खत्म हो जाएगी, और पेड़ों की कटाई भी कम होगी।
पूर्व में हुआ विरोध
इंदौर मेट्रो के ट्रैक को लेकर कई बार विरोध हुआ। इसमें आठ बार की सांसद रहीं सुमित्रा महाजन ने बंगाली चौराहा से एयरपोर्ट के बीच बनने वाले ट्रैक पर आपत्ति दर्ज कराई थी। लगातार विवाद के बाद, 17 जून 2023 को मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मेट्रो कंपनी के अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और विशेषज्ञों की बैठक बुलाई, जिसमें एमजी रोड के पास टीआई मॉल से मेट्रो के अंडरग्राउंड ट्रैक को लेकर ट्रैफिक समस्याओं पर चर्चा हुई। इसके बाद नए विकल्पों पर विचार किया गया।
तीन विकल्प जो सामने आए
1.बंगाली चौराहा से एयरपोर्ट तक अंडरग्राउंड ट्रैक बनाया जाए।
2.बंगाली चौराहा से कृषि महाविद्यालय तक एलिवेटेड ट्रैक और फिर रीगल तिराहा तक अंडरग्राउंड ट्रैक बनाया जाए।
3.एमजी रोड के बजाय रेस कोर्स रोड से रूट तय किया जाए।