रिपोर्ट: सत्यम दुबे
अंबेडकर नगर: कोरोना महामारी के दूसरे लहर का कहर लगातार जारी है। कोरोना से संक्रमित मरीज ऑक्सीजन और दवाईयों की कमीं से लगातार दम तोड़ रहें हैं। महामारी के दूसरे लहर ने कई हंसते-खेलते परिवारों को तबाह कर रहा है। वहीं दूसरी ओर प्रशासन के लाख दावों के बावजूद जहरीली शराब का धंधा रुकने का नाम नहीं रहा है। सूबे के तीन जिलों आंबेडकरनगर, आजमगढ़ और बदायूं में जहरीली शराब पीने 24 लोगों की जान चली गई।
आपको बता दें कि अंबेडकर नगर में 16 लोगों की मौत हो गई, वहीं आजमगढ़ में छह लोगों की जान चली गई, जबकि बदायूं में भी दो लोगो ने दम तोड़ दिया है। सोमवार शाम से शुरू हुआ मौत का सिलसिला थममे का नाम नहीं ले रहा है। इतने लोगों की जान जाने के बाद भी कई लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। मौके पर पहुंची पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
बात करें आजमगढ़ की तो यहां पवई थाना क्षेत्र के मित्तूपुर बाजार में सोमवार शाम शराब पीने के बाद दो दर्जन लोगों की तबीयत खराब हो गई थी। तबियत बिगड़ने के बाद स्थानीय निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां सोमवार रात ढाई बजे से मौत की खबरें आने लगीं और मंगलवार तक 18 लोगों की मौत हो गई है। आंबेडकर नगर की घटना को आबकारी विभाग ने गंभीरता से लिया है। इस मामले में आबकारी निरीक्षक सहित चार लोगों को निलंबित करके जांच की जा रही है।
जहरीली शराब पीने से मौत की आंच सीमावर्ती अंबेडकरनगर जिले के जैतपुर, मालीपुर व कटका थाना क्षेत्र के गांवों तक पहुंच गई। इन गांवों में भी सोमवार की रात से मंगलवार तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि ग्रामीण इससे ज्यादा मौत की बात कह रहे हैं लेकिन प्रशासन इससे इनकार कर रहा है।
मामला सामने आने के बाद अलग-अलग गांवों में हुई मौतों के आंकड़ों को पुलिस सीमित करने में जुट गई है। SP आलोक प्रियदर्शी का दावा है कि सिर्फ जैतपुर थाने के मखदूमपुर गांव में जहरीली शराब पीने का मामला जांच में सही मिला है और यहां कुल पांच लोगों की मौत हुई हैं। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि शादी समारोह और गांव में उसी ठेके से लाई गई शराब पीने के बाद लोगों की मौतें हुईं हैं। वहीं आजमगढ़ के जिलाधिकारी राजेश कुमार और एसपी सुधीर कुमार सिंह ने भी जहरीली शराब पीने से मौत की घटना से इन्कार किया है।