गोरखपुर में शुक्रवार की शाम हुई मूसलाधार बारिश ने शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। महज दो से तीन घंटे में करीब 70 से 80 मिलीमीटर बारिश हुई, जिसके चलते कई इलाकों में जलभराव हो गया। बारिश के दौरान पेड़ गिरने से कैंपियरगंज और गगहा क्षेत्र में चार लोगों की जान जाने की सूचना है, जबकि दो लोग घायल हैं। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है। अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में कैंप करने के निर्देश दिए गए हैं। गोरखपुर में शुक्रवार शाम करीब तीन बजे से छह बजे के बीच हुई मूसलाधार बारिश ने शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। लगातार दो दिनों से हो रही बारिश के बीच अचानक हुई तेज बारिश से कई इलाकों में पानी भर गया। प्रशासन के मुताबिक, महज दो से तीन घंटे में करीब 70 से 80 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई।

भारी बारिश में 4 लोगों की गई जान , 2 घायल
भारी बारिश के दौरान पेड़ गिरने से दो अलग-अलग घटनाओं में चार लोगों की जान चली गई। कैंपियरगंज के लक्ष्मीपुर द्वितीया गांव में एक मड़ई के ऊपर पेड़ गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि दो लोग घायल हुए हैं। दोनों घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है। वहीं गगहा थाना क्षेत्र के सिहोर चौराहे पर भी पेड़ गिरने से मोटरसाइकिल सवार एक व्यक्ति की मौत हो गई। इसके अलावा बारिश के दौरान कुछ लोगों को मामूली चोटें आईं, जिन्हें उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
पेड़-पोल गिरने से कई जगह बने अवरोध
बारिश और तेज हवाओं के चलते कई स्थानों पर पेड़ और बिजली के पोल गिरने की घटनाएं भी सामने आईं। प्रशासन ने तत्काल राहत टीमों को मौके पर भेजकर रास्तों से अवरोध हटाने और बिजली व्यवस्था बहाल करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को तहसील, एसडीएम, बिजली और स्वास्थ्य विभाग समेत सभी संबंधित विभागों के साथ अपने क्षेत्रों में कैंप करने को कहा गया है। प्रशासन के मुताबिक, सभी प्रमुख स्थानों पर पर्याप्त एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है। पेड़ या अन्य अवरोध गिरने की सूचना मिलने पर मशीनरी को तत्काल मौके पर भेजकर रास्ता साफ कराने की व्यवस्था की गई है।

नेपाल में बारिश से राप्ती का जलस्तर बढ़ने की आशंका
उधर नेपाल में भी बारिश होने के चलते राप्ती नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी की संभावना को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नावों और आवश्यक मशीनरी की व्यवस्था की गई है। बाढ़ खंड और अन्य संबंधित विभागों के कर्मचारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में गश्त और निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। गोरखपुर डीएम दीपक मीणा का कहना है कि सभी अधिकारी लगातार प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे हैं। जनप्रतिनिधि भी अधिकारियों के साथ मौके पर स्थिति का जायजा ले रहे हैं।
24 घंटे में मृतकों के परिजनों को आर्थिक मदद
कैंपियरगंज की घटना में मृतकों के परिजनों को दैवीय आपदा के तहत चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। प्रशासन का कहना है कि अन्य पात्र सहायता, फसल क्षति और संबंधित आर्थिक मदद भी उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कोशिश है कि 24 घंटे के भीतर प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध करा दी जाए।
70-80 एमएम बारिश से शहर में जलभराव
शहर में जलभराव को लेकर प्रशासन ने कहा कि लगातार दो दिनों से बारिश होने के कारण जमीन और जलनिकासी व्यवस्था पहले से ही संतृप्त थी। इसके बावजूद सभी पंपिंग स्टेशन सक्रिय किए गए हैं और नगर निगम की टीमें जलनिकासी में जुटी हैं। गोरखपुर जिला अधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि बारिश रुकने के बाद अगले तीन से चार घंटे में अधिकांश इलाकों से पानी निकालने का प्रयास है, ताकि शहर में आवागमन सामान्य हो सके। साथ ही पेड़ और बिजली के पोल गिरने से प्रभावित व्यवस्थाओं को भी रात तक बहाल करने की कोशिश की जा रही है।
गोरखपुर में कुछ घंटों की मूसलाधार बारिश ने प्रशासन की तैयारियों की परीक्षा जरूर ली है। चार लोगों की मौत के बाद राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया गया है। प्रशासन की नजर अब राप्ती के बढ़ते जलस्तर और लगातार बदलते मौसम पर है। अधिकारियों का दावा है कि प्रभावित इलाकों में राहत कार्य जारी है और जल्द ही हालात सामान्य करने की कोशिश की जा रही है।
अंकित श्रीवास्तव की रिपोर्ट