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गंडक के बढ़ते जलस्तर को लेकर गोपालगंज प्रशासन अलर्ट, माइकिंग से ग्रामीणों को किया जा रहा जागरूक

गोपालगंज में गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट है। नेपाल से करीब 3.5 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद नदी किनारे बसे गांवों में माइकिंग कर ग्रामीणों को सावधान किया जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से नदी से दूर रहने, मवेशियों को किनारे न ले जाने और आपात स्थिति में तत्काल सूचना देने की अपील की है।

By: Nivedita 
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गंडक के बढ़ते जलस्तर को लेकर गोपालगंज प्रशासन अलर्ट, माइकिंग से ग्रामीणों को किया जा रहा जागरूक

गोपालगंज। गंडक नदी के जलस्तर में संभावित बढ़ोतरी को देखते हुए जिला प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क करना शुरू कर दिया है। नेपाल की ओर से करीब 3.5 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद प्रशासन की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

गांवों में माइकिंग कर दी जा रही सावधानी की जानकारी

सदर अंचलाधिकारी रजत कुमार बरनवाल ने जादोपुर दुखहरण पंचायत क्षेत्र समेत नदी के आसपास के इलाकों का जायजा लिया। इस दौरान माइकिंग के जरिए ग्रामीणों को जरूरी सावधानियां बताई गईं। लोगों से अपील की जा रही है कि वे नदी और निचले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें। किसानों और पशुपालकों को भी मवेशियों को नदी के किनारे ले जाने से बचने की सलाह दी गई है।

अगले दिन तक पहुंच सकता है नेपाल से छोड़ा पानी

प्रशासन के अनुसार नेपाल से छोड़ा गया पानी अगले दिन दोपहर तक गोपालगंज पहुंचने की संभावना है। इसके मद्देनजर गंडक नदी के किनारे बसे गांवों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। सदर सीओ ने ग्रामीणों से कहा कि निचले इलाकों में पानी बढ़ने की स्थिति में बांध के ऊंचे और सुरक्षित हिस्सों की ओर जाने को प्राथमिकता दें।

तटबंधों की क्षमता को लेकर प्रशासन ने दी जानकारी

सदर सीओ रजत कुमार बरनवाल के अनुसार जिले के तटबंध करीब 6.5 से 7 लाख क्यूसेक तक पानी का दबाव सहने की क्षमता रखते हैं। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने की अपील की है। प्रशासनिक टीमें तटबंधों और नदी के जलस्तर की लगातार निगरानी कर रही हैं, ताकि किसी भी संभावित स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।

 

नदी में नाव चलाने पर प्रतिबंध

जलस्तर बढ़ने की आशंका के मद्देनजर धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की गई है। प्रशासन ने नाविकों और आम लोगों से नदी में नाव लेकर नहीं उतरने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि तेज बहाव के दौरान नदी में जाना जान जोखिम में डाल सकता है। ग्रामीणों को नदी से पर्याप्त दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।

कटाव और अंडरकट को लेकर भी सतर्कता

जलस्तर बढ़ने के साथ नदी किनारे कटाव और अंडरकट की स्थिति बनने की आशंका रहती है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों को नदी के किनारे जाने से बचने और किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं करने की सलाह दी है।

सांप काटने पर अस्पताल जाने की अपील

बारिश और बाढ़ के दौरान सांप निकलने की घटनाएं बढ़ने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने ग्रामीणों को विशेष सावधानी बरतने को कहा है। सांप के काटने की स्थिति में झाड़-फूंक के बजाय तत्काल नजदीकी पीएचसी या सदर अस्पताल पहुंचने की सलाह दी गई है। प्रशासन के अनुसार, अस्पतालों में एंटी-वेनम की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है।

प्रशासन ने कहा- घबराएं नहीं, सावधानी बरतें

फिलहाल जिला प्रशासन गंडक नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रख रहा है। निचले इलाकों में माइकिंग के जरिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है और तटबंधों की निगरानी की जा रही है। प्रशासन ने ग्रामीणों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने, नदी से दूरी बनाए रखने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचना देने की अपील की है।

 

रिपोर्ट – नमो नारायण मिश्रा 

 

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