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गहलोत ने कहा उच्च शिक्षा में धन के अभाव में ड्राप आउट छात्र-छात्राओं को शिक्षा के क्षेत्र में फिर से लाया जा सकेगा

By: RNI Hindi Desk 
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गहलोत ने कहा उच्च शिक्षा में धन के अभाव में ड्राप आउट छात्र-छात्राओं को शिक्षा के क्षेत्र में फिर से लाया जा सकेगा

भाजपा मुख्यालय में थावरचंद गहलोत और दुष्यंत कुमार गौतम ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन की। इसकी जानकारी बीजेपी पार्टी ने खुद ट्वीट करके दी है। इस सम्मेलन में थावरचंद गहलोत ने कहा 10 पास करने के बाद छात्रवृति के अभाव में कई छात्रों ने उच्च शिक्षा की पढ़ाई छोड़ देते थे। राज्य सरकारों के पास पैसा न होने के कारण कई बार वो छात्रवृति नहीं दे पाते थे।

उन्होंने कहा भारत सरकार ने अनुसूचित जाति वर्ग के उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों को मिलने वाली छात्रवृत्ति में ऐतिहासिक परिवर्तन किया है। इसमें से 60% केंद्र सरकार वहन करेगी और 40% राज्य सरकार वहन करेगी।

उन्होंने कहा ये राशि हम सीधे छात्रों के खातों में डालेंगे। राज्य सरकार से विद्यार्थियों की खाता संख्या सहित सूची मंगाई जाएगी।

उन्होंने आगे कहा इसका लाभ ये होगा कि उच्च शिक्षा में धन के अभाव में ड्राप आउट होने वाले छात्र-छात्राओं को शिक्षा के क्षेत्र में फिर से लाया जा सकेगा। 5 साल में करीब 4 करोड़ छात्रों को इसका लाभ मिलेगा।

उन्होंने कहा अभी तक किसी भी राज्य सरकार ने इस फैसले का विरोध नहीं किया है। मैं मानता हूं कि सभी राज्यों के गले उतरने जैसा ऐतिहासिक फैसला हमने किया है।
डीबीटी के माध्यम से छात्रवृति सीधे खातों में जाने से लीकेज या अनियमितताएं भी नहीं होंगी।

थावरचंद गहलोत ने कहा डॉ भीमराव अंबेडकर जी धारा 370 नहीं चाहते थे, वो समान आचार संहिता चाहते थे, महिलाओं को बराबरी का हक चाहते थे। कांग्रेस डॉ अंबेडकर जी से इतना द्वेष रखती थी कि उन्हें भारत रत्न मिले इसके लिए गैर कांग्रेस का इंतजार करना पड़ा। केंद्र में भाजपा सरकार आने से पहले करीब 50 लाख नकली छात्र पकड़े गए थे।

गहलोत ने कहा फर्जी नाम पर छात्रवृति ले ली जाती थी और दलितों को इसका लाभ नहीं मिलता था।आज डीबीटी के माध्यम से छात्रों को पूरी छात्रवृति मिलेगी।

नेता ने कहा 59,048 करोड़ रुपये की धनराशि जो इसमें कुल खर्च होगी, उसमें 35,534 करोड़ रुपये केंद्र सरकार का और करीब साढ़े 23 हजार करोड़ रुपये राज्य सरकारों का होगा।

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