Home देश चार साल की मासूम ने आतंकी पिता से लगाई गुहार, विडियो देख छलक उठेंगे आंसू

चार साल की मासूम ने आतंकी पिता से लगाई गुहार, विडियो देख छलक उठेंगे आंसू

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रिपोर्ट- पल्लवी त्रिपाठी

जम्मू-कश्मीर : सोशल मीडिया पर अक्सर कई चीजें वायरल होती रहती है । लेकिन कई बार हम कुछ ऐसा देख लेते हैं, जिसे देखकर हम भावुक हो जाते हैं । एक ऐसा ही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा हैं, जिसमें चार साल का मासूम बच्चा अपने आतंकी पिता से बाहर आकर सरेंडर करने की अपील कर रहा हैं । वीडियो में मासूम की अपील सुनकर आप भी एक पल के लिए ठहर से जाएंगे ।

दरअसल, ये वीडियो जम्मू कश्मीर के शोपियां जिले का है । जहां सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ चल रही थी । जिसमें सुरक्षाबलों ने लश्कर-ए- तैयबा के चार आतंकवादियों को मुठभेड़ में मार गिराया है । इससे पहले का यह वीडियो है, जिसमें आप देख सकते हैं कि बच्चा लगातार अपने आतंकी पिता से अपील कर रहा है कि वो सेना के सामने आत्मसमर्पण कर दें । बताया जा रहा है कि 25 वर्षीय आतंकी अकीब अहमद मलिक आत्मसमर्पण करना चाहता था, लेकिन उसके अन्य आतंकी साथियों ने उसे बाहर आने नहीं दिया ।

जानकारी के मुताबिक, अकीब अहमद मलिक तीन महीने पहले ही आतंकी संगठन लश्कर-ए- तैयबा में शामिल हुआ था, जो अपने तीन साथियों के साथ सेना द्वारा मुठभेड़ में मारा गया ।

दरअसल अकीब अहमद मलिक को सरेंडर कराने के लिए सेना मुठभेड़ स्थल पर उसकी पत्नी और बच्चे को लेकर आई थी । जिस दौरान अकीब अहमद मलिक की पत्नी आधी रात को ऑपरेशन के दौरान अपने पति से भावुक होकर अपील कर रही हैं । पत्नी वीडियो में कह रही हैं, “कृपया बाहर आएं और आत्मसमर्पण करें । कृपया मुझे गोली मार दीजिए, अगर आप बाहर नहीं आना चाहते हैं । हमारे दोनों बच्चे मेरे साथ आए हैं । कृपया बाहर आकर आत्मसमर्पण करें ।” जिसके बाद बच्चा अपने पिता से बाहर आने के लिए गुहार लगाता है । हालांकि, बाहर न आने पर मुठभेड़ में वह भी मारा गया ।

मामले को लेकर एक वरिष्ठ अधिकारी मेजर जनरल रशीम बाली का कहना है कि “उनके पास जानकारी थी कि अकीब अहमद मलिक सरेंडर करना चाहता है । लेकिन उसके साथियों ने उसे रोक दिया था, अगर वह बाहर आ गया होता, तो हम उसे बचा सकते थे ।” उन्होंने बताया कि घाटी में इस साल अब तक नौ मुठभेड़ हुई हैं, जिनमें से आठ दक्षिणी कश्मीर में और एक मुठभेड़ उत्तरी कश्मीर में हुई है ।
वहीं, स्थानीय लोगों ने बताया कि 20 दिसंबर को लापता होने और आतंकवादियों में शामिल होने से पहले अकीब अहमद मलिक एक बैंक कर्मचारी था । सेना को घटनास्थल से एक AK47 राइफल और तीन पिस्तौल बरामद किया हैं । मुठभेड़ में मारे गए आतंकवादियों की पहचान रईस अहमद भट, आमिर शफी मीर, अकीब अहमद मलिक और आफताब अहमद वानी के तौर पर हुई है ।

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