बालाघाटः वारासिवनी में नवनिर्मित फ्लाईओवर के उद्घाटन को लेकर उस समय स्थिति विस्फोटक हो गई, जब भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। लगभग 40 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस ओवरब्रिज के श्रेय लेने की होड़ में दोनों दलों के बीच जमकर झड़प हुई, जिसके बाद मौके पर भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
विवाद की शुरुआत तब हुई जब ओवरब्रिज के उद्घाटन की तैयारियों के बीच दोनों दलों के समर्थकों ने इसे अपनी उपलब्धि बताना शुरू किया। जहां कांग्रेस इसे क्षेत्रीय विधायक विवेक पटेल के प्रयासों का परिणाम बता रही थी, वहीं भाजपा खेमे का दावा था कि पूर्व मंत्री प्रदीप जायसवाल के प्रयासों और राज्य सरकार के बजट से यह जनहित का कार्य पूर्ण हुआ है। तनाव उस समय बढ़ गया जब दोनों पक्षों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में फ्लाईओवर पर जमा हो गए और नारेबाजी शुरू कर दी।
हंगामे के दौरान वारासिवनी विधायक विवेक पटेल और जिला प्रशासन के अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। विधायक पटेल ने प्रशासन पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का गंभीर आरोप लगाया। बहस के दौरान उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि प्रशासन भाजपा नेता और पूर्व मंत्री प्रदीप जायसवाल को ‘सपोर्ट’ कर रहा है और प्रोटोकॉल का उल्लंघन कर रहा है।
स्थिति को अनियंत्रित होता देख जिले के आला अधिकारियों ने मोर्चा संभाला। मौके पर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई ताकि झड़प हिंसक रूप न ले सके। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर पीछे हटाने की कोशिश की, आवागमन सामान्य कर दिया गया।
बालाघाट से संवददाता भास्कर भारद्वाज की रिपोर्ट