रतलाम। मध्यप्रदेश के रतलाम जिले के आलोट क्षेत्र में महिला पटवारी के कथित अपहरण के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर महिला को सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने महिला को धार जिले के टांडा थाना क्षेत्र के ग्राम कड़वा से सुरक्षित दस्तयाब किया है। वहीं, मामले में नामजद मुख्य आरोपी अनिल आलावा और उसके अन्य साथियों की तलाश लगातार जारी है।
पुलिस के अनुसार, महिला पटवारी के लापता होने के बाद परिजनों की शिकायत पर आलोट थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 140(3) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। शिकायत में अनिल आलावा को मुख्य आरोपी के रूप में नामजद किया गया था। मामला दर्ज होते ही पुलिस ने जांच तेज कर दी।
एफआईआर दर्ज होने के बाद आलोट पुलिस ने संभावित स्थानों पर तलाश के लिए कई विशेष टीमें गठित कीं। तकनीकी विश्लेषण और मैदानी सूचना के आधार पर पुलिस लगातार विभिन्न स्थानों पर दबिश देती रही। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि महिला धार जिले के टांडा थाना क्षेत्र में मौजूद है, जिसके बाद टीम ने ग्राम कड़वा पहुंचकर उसे सुरक्षित बरामद कर लिया।
पूरे अभियान की निगरानी एसडीओपी पल्लवी गौर ने की, जबकि थाना प्रभारी योगेश पाटीदार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया। इस अभियान में सहायक उप निरीक्षक भारत सिंह सिंघाड़ सहित अन्य पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस की समन्वित कार्रवाई के चलते महिला को निर्धारित समय में सुरक्षित खोज लिया गया।

महिला की बरामदगी के बावजूद मामले के मुख्य आरोपी अनिल आलावा और उसके सहयोगी अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस विभिन्न संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी का दावा कर रही है।
महिला के सुरक्षित मिलने के बाद अब पुलिस उसके न्यायालयीन बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया पूरी करेगी। साथ ही घटनास्थल, उपलब्ध साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच की जाएगी। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित अपहरण की परिस्थितियां क्या थीं और मामले में आगे कौन-कौन से कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
महज 24 घंटे के भीतर महिला पटवारी को सकुशल बरामद करना आलोट पुलिस की सक्रियता और त्वरित कार्रवाई का उदाहरण माना जा रहा है। अब लोगों की नजरें पुलिस जांच के निष्कर्षों और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पर टिकी हैं। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।