{ फर्रुखाबाद से सतीश गुप्ता की रिपोर्ट }
कायमगंज के ग्राम हमीरपुर लालबाग स्थित हजरत बाबा जूही शाह की दरगाह पर अकीदत मन्दों द्वारा बड़ी ही श्रद्धा व आस्था के हजरत ख्वाजा गरीब नवाज की छठी मनाई गई।
इस अवसर पर दरगाह पर सज्जादानसीन हजरत कबीर अहमद चिश्ती कादरी वारशी,नायब सज्जादानसीन मुशीर अहमद चिश्ती कादरी वारशी सहित अकीदत मंदो द्वारा मिट्टी के बर्तनों में मीठा दलिया भरकर फातिहा पढ़ी गई तथा बाबा की मजार पर चादर पोशी की गई।

दरगाह के सज्जादा नशीन हजरत कबीर अहमद चिश्ती कादरी वारसी व नायब सज्जादा नशीन पीरजादा मुशीर अहमद चिश्ती कादरी वारसी ने गरीब नवाज की जीवनी पर प्रकाश डालते हुये कहा कि हजरत ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती हसन संजरी संजर के रहने वाले थे आपने केवल 9 साल की उम्र में कुरान हिफ्ज कर लिया था आप बचपन से ही गरीबों से मुहब्बत करते उनकी मदद करते गरीब लोगों को अच्छा खाना खिलाते और खुद भूखे सो जाते इसी लिये उनको गरीब नवाज कहा जाता है।

आप एक ऐसे सूफी हुये जिन्होने मुहब्बत का पैगाम दिया किसी मजहब के साथ भेदभाव नही किया नबी करीम के इस पैग़ाम को आम किया कि तुम जिस मुल्क में रहो उसके साथ वफादारी करो मुल्क के लोगों की मदद करो मुल्क को अगर तुम्हारी जान की जरूरत पड़े तो पीछे न हटो।

उनके इन्ही पैगाम को लोंगो ने माना और उस पर अमल किया और यही वजह है कि आज हिंदुस्तान ही नही बल्र्कि दुनिया के हर कोने से उनके चाहने वाले उनकी छठी मनाने अजमेर शरीफ जाते हैं और इसके अलावा दरगाहों पर भी छटी मनाने की रस्म निभाई जाती है।

आज के दिन दरगाह बाबा जूही शाह पर भी इसी रस्म को निभाने की परंपरा 100साल से चली आ रही है और आज दरगाह पर मिट्टी के बर्तनों का इस्तेमाल करके पैगाम दिया कि म्लास्टिक का बहिष्कार करें !