1. हिन्दी समाचार
  2. Breaking News
  3. किसान संगठन ने खारिज किया सरकार का प्रस्ताव, शाह से मिले कृषि मंत्री

किसान संगठन ने खारिज किया सरकार का प्रस्ताव, शाह से मिले कृषि मंत्री

By: RNI Hindi Desk 
Updated:
किसान संगठन ने खारिज किया सरकार का प्रस्ताव, शाह से मिले कृषि मंत्री

नए कृषि कानूनों पर जारी आंदोलन के बीच केन्द्र सरकार और किसान संगठनों के बीच आज ग्यारहवें दौर की वार्ता होने जा रही है। लेकिन, इस बातचीत से एक दिन पहले केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने गृह मंत्री अमित शाह से गुरुवार की देर रात मुलाकात की।

कृषि मंत्री और गृह मंत्री के बीच यह मुलाकात ऐसे वक्त पर हुई है जब गुरुवार को किसान नेताओं ने बैठक के बाद यह ऐलान किया कि सरकार कि तरफ से दिया गया नया प्रस्ताव भी उन्हें मंजूर नहीं है। किसान नेताओं ने तीनों कानूनों की पूर्ण रूप से वापसी की मांग की है।

केन्द्र सरकार की तरफ से दसवें दौर की वार्ता के दौरान जो नया प्रस्ताव दिया गया था उसके मुताबिक, डेढ साल तक इस कानून को निलंबत कर कमेटी बनाने की सिफारिश की गई थी। किसान संगठनों ने एक बार फिर से तीनों कृषि कानूनों की वापसी की अपनी मांग दोहराई।

गौरतलब है कि दिल्ली और इसकी सीमा पर प्रदर्शन कर रहे हजारों की संख्या में किसानों को दो महीने होने जा रहे है। अब तक सरकार के साथ 10 दौर की वार्ता हो चुकी है। ग्यारहवें दौर की बातचीत आज होने जा रही है। इधर, किसान संगठनों की तरफ से दबाव बढ़ाने के लिए यह चेतावनी दी गई है कि वे 26 जनवरी को लाल किला से इंडिया गेट ट्रैक्टर रैली निकालेंगे।

कृषि कानून के खिलाफ गणतंत्र दिवस पर किसानों की ओर से प्रस्तावित ट्रैक्टर रैली के संदर्भ में दिल्ली पुलिस और किसान संगठनों के बीच कल एक अहम् बैठक हुई, और इस बैठक में भी पिछली हर बैठक की तरह ही बनतीज़े रहे।

तमाम परेेशानियों के बाद भी किसान आंदोलन खत्म करने को तैयार नहीें हैं और उनका कहना है कि जब तक बिल वापस नहीं होगा हम आंदोलन खत्म नहीं करेंगे। दिल्ली में कड़ी ठण्ड के बीच भी किसान किशन अपना आंदोलन खत्म करने को तैयार नहीं है।

हालांकि पुलिस की तरफ से किसानों को कुडली मानेसर पलवल एक्सप्रेसवे पर रैली निकालने का विकल्प सुझाया गया। लेकिन किसानों ने इसे मानने से इनकार कर दिया। क्रांतिकारी किसान यूनियन के नेता दर्शन पाल ने कहा कि सरकार ने हमसे कहा है कि सुरक्षा कारणों से दिल्ली के आउटर रिंग रोड पर गणतंत्र दिवस के दिन ट्रैक्टर परेड का आयोजन नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हम स्पष्ट हैं कि हम केवल वहीं ट्रैक्टर परेड करेंगे।

किसान संगठनों की मांग है कि सरकार तीनों नए कृषि कानूनों की वापसी के साथ ही एमएसपी को कानून का हिस्सा बनाए। किसानों को डर है कि सरकार इन कानूनों के जरिए उन्हें उद्योगपतियों को भरोसे छोड़ देगी। जबकि, सरकार का कहना है कि इन नए कृषि कानूनों के जरिए निवेश के अवसर खुलेंगे और किसानों की आमदनी बढ़ेगी।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...