रिपोर्ट – माया सिंह \ शेख़ परवेज़ आलम
उत्तर प्रदेश : देशभर में एक बार फिर कोरोना संक्रमण पैर पसार रहा है। शासन-प्रशासन कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए हरसंभव प्रयास में जुटा हुआ है। लेकिन यहां धार्मिक आस्था कोरोना पर भारी पड़ रही है। हम बात कर रहे है 51 सिद्धपीठ में से एक सिद्धपीठ मां शाकुम्भरी देवी मंदिर की।
दरअसल, जनपद सहारनपुर के करीब 45 किलोमीटर दूर शिवालिक पहाड़ियों के बीच 51 सिद्धपीठ में से एक सिद्धपीठ मां शाकुम्भरी देवी का मंदिर है। बता दें कि इस मंदिर के आस-पास बाबा भूरादेव सहित कई अन्य मंदिर भी है। वैसे तो यहां प्रतिदिन हज़ारो की संख्या में श्रद्धालुओं माता के दर्शनों को पहुँचते है लेकिन नवरात्रों के मौके पर यहां विशाल मेले का आयोजन किया जाता है।

ऐसे में काफी संख्या में यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, राजस्थान सहित उत्तर भारत के कई प्रदेशों से श्रद्धालु यहां पहुंच रहे है और इतनी भीड़ लग रही है कि कोरोना नियमों की धज्जिया उड़ी हुई है । हालांकि देशभर में कोरोना एक बार फिर खतरनाक स्टेज पर है जिसको लेकर जिला और स्थानीय प्रशासन ने भी गाइडलाइंस जारी की हुई है ,जिसके तहत सभी धार्मिक स्थलों में जाने वालों को 72 घण्टे में कराई गई RTPCR टेस्ट की निगेटिव रिपोर्ट दिखानी अनिवार्य है।जिस कारण मां शाकुम्भरी देवी दर्शन को जाने वाले श्रद्धालुओं से भी नेगेटिव रिपोर्ट मांगी जा रही है।

हालांकि ज्यादातर श्रद्धालु बिना रिपोर्ट के देवी दर्शनो को आ रहे है , जिन्हें पुलिस व प्रशासन द्वारा वापस भेज दिया जा रहा है। उधर RTPCR रिपोर्ट के लिए टेस्ट कराने वालों की भी बेहट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भीड़ उमड़ पड़ी है । जहां भीड़ को देखते हुए एसडीएम बेहट दीप्ति देव को सीएचसी पहुँचकर लोगो से कोविड नियमों के पालन करने के लिये अपील करनी पड़ी। इसके साथ ही श्रद्धालुओं को प्रशासनिक गाइडलाइंस के बारे में स्पष्ट रूप से बताया गया , जिसके बाद श्रद्धालुओं की भीड़ में कमी नजर आई ।