{ एटा से रविकांत की रिपोर्ट }
जिले के जिला पंचायत परिषर स्थित जनेश्वर मिश्र मैरिज होम में रविवार को एक वैवाहिक कार्यक्रम के दौरान अलग ही नजारा देखने को मिला। यहां विवाह बंधन में बंध रहे दूल्हा और दुल्हन ने संविधान की शपथ लेकर एक दूसरे का जीवन भर साथ निभाने का वादा किया। जिले में इस तरह का यह पहला विवाह माना जा रहा है। जहां पर संविधान की शपथ लेकर नव दंपति परिणय सूत्र में बंधे हैं।

दरअसल निधौली कला क्षेत्र निवासी भीष्मपाल सिंह बीते कई वर्षों से लगातार सामाजिक कार्य में लगे हुए हैं। बताया जा रहा है कि भीष्म पाल और उनका परिवार समाज में फैली कुरूतियों जैसे पर्दा प्रथा,दहेज प्रथा व मृत्यु भोज को दूर करने में लगे हुए हैं।

इसी का नतीजा था कि समाज में उदाहरण पेश करने के लिए भीष्मपाल ने अपने बेटे आदित्य का विवाह समारोह को व्यसन व प्रदूषण मुक्त करने का फैसला किया। इतना ही नहीं भीष्मपाल सिंह के बेटे आदित्य ने भी युवाओं के लिए उदाहरण पेश करते हुए विवाह में संविधान की शपथ लेकर अपना दांपत्य जीवन संविधान के अनुरूप ही चलाने का फैसला किया। इस फैसले में आदित्य का साथ उनकी जीवन संगिनी पिंकी ने भी खूब दिया।

इस तरह नवदंपत्ति ने विवाह के दौरान संविधान की शपथ लेकर समाज में एक नई मिसाल पेश की है। आदित्य ने बताया कि समाज में शादी के नाम पर बहुत खर्चा होता है । गरीब लोग अमीर लोगों को देखकर खर्चा करते हैं। जिससे उनको समस्या का सामना करना पड़ता है। इसलिए हमने विवाह बहुत ही सादगी पूर्ण तरीके से करने का निर्णय लिया।
साथ ही हमारा देश संविधान से चलता है। इस वजह से हमने संविधान को साक्षी मानकर अपना विवाह किया है। उन्होंने बताया कि हम संविधान के अनुरूप ही अपने दांपत्य जीवन का निर्वाह करेंगे। आदित्य के इस फैसले का स्वागत लड़की पक्ष ने भी किया ।