बड़वानीः जनपद का शिक्षा विभाग पहली बार तीन दिवसीय पुस्तक व यूनिफार्म मेले का आयोजन कर रहा है। निजी स्कूलों में अध्ययनरत छात्रों के पुस्तक, यूनिफार्म और स्टेशनरी के महंगे खर्च को कम करने के लिए अपनी पसंद के अनुसार खरीदी के उद्देश्य से यह आयोजन हो रहा है।
दरअसल निजी स्कूलों द्वारा बीते वर्षों में छात्रों को ब्रांडेड महंगी पुस्तकें, यूनिफार्म, शूज आदि स्टेशनरी सामग्री चिह्नित दुकानों से खरीदी के लिए बाध्य किए जाने के मामले सामने आए हैं। इसको लेकर सामाजिक संगठन व सामाजिक कार्यकर्ता बीते वर्ष से लगातार पुस्तक मेला लगाने और नियम उल्लंघन पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इसके चलते इस बार शिक्षा विभाग ने नया सत्र शुरु होने के पूर्व पुस्तक मेले लगाने की तैयारी की हैं।
वहीं गत वर्ष लगातार मांग के बाद कलेक्टर ने निजी स्कूलों को अक्टूबर 2025 तक पाठ्यक्रमों की सूची मांग गई थी। अधिकांश स्कूलों में अब तक परिणाम नहीं आए हैं, अभिभावकों को स्कूल प्रबंधन द्वारा नए सत्र के लिए पुस्तकों की सूची तक नहीं दी गई हैं, तो पुस्तक मेले में अभिभावक अपने बच्चों के लिए पुस्तक की कैसे खरीदी करेंगे। पुस्तक मेले के पूर्व पुस्तक विक्रेताओं की सूची जारी नहीं की गई।
जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश निजी विद्यालय अधिनियम 2017 और सहपठित नियम 2020 के प्रावधानों का सम्यक रूप से पालन के लिए जिला मुख्यालय पर 28 से 30 मार्च तक जिला स्तरीय पुस्तक व गणवेश मेला आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन दशहरा मैदान में सुबह 10 से शाम 6 बजे तक किया जाएगा। जिसमें अभिभावक विद्यार्थियों के लिए पुस्तक, स्टेशनरी, यूनिफार्म, शूज आदि की खरीदी कर पाएंगे।
जिला शिक्षा अधिकारी शीला चौहान ने बताया कि पुस्तक मेले की तैयारी कर रहे हैं। हमारे द्वारा निजी स्कूलों को मेले की जानकारी प्रेषित की हैं। स्कूल प्रबंधकों द्वारा पालकों के अभिभावकों को सूचना दी है या नहीं, इसकी जानकारी नहीं हैं। मेले में भाग लेने वाली फर्मों की सूची भी जारी की जाएगी।
हालांकि अभी कई स्कूलों के परिणाम घोषित नहीं हुए और पुस्तक मेले की अब तक स्कूलों द्वारा अभिभावकों को सूचना नहीं दी गई। ऐसे में विभाग द्वारा पुस्तक मेले के नाम पर औपचारिकता से इंकार नहीं किया जा सकता।