Delhi High Court News: दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रधानमंत्री आवास के पास स्थित रेस कोर्स मस्जिद को गिराने की कार्रवाई पर फिलहाल चार हफ्ते तक रोक लगा दी गई है। बता दें केंद्र सरकार ने अदालत को भरोसा दिया है कि दिल्ली वक्फ बोर्ड की अर्जी पर फैसला होने तक मस्जिद को हटाने के लिए कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जाएगी। हालांकि, कोर्ट ने मस्जिद में नमाज पढ़ने की अनुमति देने का आदेश देने से इनकार कर दिया है।
दिल्ली हाईकोर्ट में रेस कोर्स मस्जिद से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से बताया गया कि भूमि एवं विकास कार्यालय (L&DO) अगले चार हफ्ते तक मस्जिद को हटाने की कार्रवाई नहीं करेगा। इस दौरान दिल्ली वक्फ बोर्ड की अर्जी पर विचार किया जाएगा।
बता दें केंद्र सरकार के वकील आशीष दीक्षित ने जस्टिस अनीश दयाल को बताया कि अर्जी पर जल्द से जल्द और चार हफ्ते के भीतर फैसला लेने की कोशिश की जाएगी। ऐसे में कोर्ट ने सरकार के इस आश्वासन को रिकॉर्ड पर दर्ज कर लिया। वहीं, इस फैसले से मस्जिद को फिलहाल राहत मिली है। ऐसे में अब आगे की कार्रवाई वक्फ बोर्ड की अर्जी पर होने वाले फैसले पर निर्भर करेगी।

जानकारी के लिए बता दें मस्जिद को तोड़ने की कार्रवाई पर अस्थायी रोक के बावजूद नमाजियों को वहां जाने की अनुमति नहीं दी गई है। जिसमें अदालत ने कहा कि आसपास तोड़फोड़ का काम चल रहा है, ऐसे में लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि वह सरकार को मस्जिद में नमाज की अनुमति देने के लिए मजबूर नहीं कर सकता। अदालत ने यह भी माना कि निर्माण या तोड़फोड़ के दौरान किसी व्यक्ति के घायल होने की स्थिति में जिम्मेदारी और मुआवजे का सवाल उठ सकता है।
बता दें अदालत ने फिलहाल मस्जिद और पास के मंदिर में लोगों की आवाजाही पर रोक से जुड़े सुरक्षा संबंधी पक्ष को भी ध्यान में रखा है। इसके चलते 30 अक्टूबर 2026 को रेस कोर्स मस्जिद में जुमा की नमाज नहीं हो सकेगी। ऐसे में मामले की अगली सुनवाई 16 दिसंबर 2026 को निर्धारित की गई है। अब सभी की नजर दिल्ली वक्फ बोर्ड की अर्जी पर होने वाले फैसले और हाईकोर्ट की अगली सुनवाई पर रहेगी।
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