1. हिन्दी समाचार
  2. Breaking News
  3. Delhi: ‘सांसों के लिए संसद चलो’ नारे के साथ सड़कों पर उतरे लोग, केंद्र सरकार से की ये मांग

Delhi: ‘सांसों के लिए संसद चलो’ नारे के साथ सड़कों पर उतरे लोग, केंद्र सरकार से की ये मांग

दिल्ली और एनसीआर में प्रदूषण की भयावह स्थिति को देखते हुए लोगों ने संसद भवन के पास विरोध प्रदर्शन किया। प्रदूषण के खिलाफ आवाज उठाने के लिए बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने "सांसों के लिए संसद चलो" नारे के साथ सड़कों पर उतरकर केंद्र सरकार से साफ हवा के लिए ठोस नीति की मांग की है।

By: Rekha 
Updated:
Delhi: ‘सांसों के लिए संसद चलो’ नारे के साथ सड़कों पर उतरे लोग, केंद्र सरकार से की ये मांग

दिल्ली और एनसीआर में प्रदूषण की भयावह स्थिति को देखते हुए लोगों ने संसद भवन के पास विरोध प्रदर्शन किया। प्रदूषण के खिलाफ आवाज उठाने के लिए बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने “सांसों के लिए संसद चलो” नारे के साथ सड़कों पर उतरकर केंद्र सरकार से साफ हवा के लिए ठोस नीति की मांग की है।

दिल्ली में गंभीर प्रदूषण का हाल

राजधानी दिल्ली में बीते एक महीने से वायु गुणवत्ता बेहद खतरनाक स्तर पर बनी हुई है। बुधवार सुबह सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार:

आनंद विहार: 311 AQI
बवाना: 341 AQI
जहांगीरपुरी: 330 AQI
पंजाबी बाग: 326 AQI
नजफगढ़: 295 AQI
हालांकि, बीती रात चलने वाली तेज हवाओं ने प्रदूषण के स्तर को थोड़ी देर के लिए कम किया, लेकिन दिन के दौरान हालात फिर बिगड़ गए।

प्रदर्शन में उठी ये मांगें

प्रदर्शनकारियों ने सरकार से वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की।

साफ हवा के लिए नीति निर्माण: प्रदूषण के स्थायी समाधान के लिए एक राष्ट्रीय नीति की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
स्रोतों की पहचान और रोकथाम: दिल्ली और एनसीआर में प्रमुख प्रदूषण स्रोतों जैसे पराली जलाना, वाहनों से उत्सर्जन और निर्माण स्थलों की धूल को नियंत्रित करने की मांग।

बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा: विशेष तौर पर कमजोर वर्गों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा उपायों की शुरुआत।

आने वाले दिनों का पूर्वानुमान

मौसम विभाग और प्रदूषण एजेंसियों के अनुसार, अगले तीन दिनों तक प्रदूषण के स्तर में कोई बड़ा सुधार होने की संभावना नहीं है। राजधानी में सुबह और शाम के समय जहरीली धुंध की स्थिति बनी रह सकती है।

दिल्ली के लोग साफ हवा के अधिकार की मांग को लेकर अब सड़कों पर उतर चुके हैं। संसद के शीतकालीन सत्र के बीच यह प्रदर्शन सरकार पर दबाव बढ़ा सकता है। क्या केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर इस संकट का समाधान निकाल पाएंगी, यह देखना बाकी है।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...