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जलाने की लकड़ियां नहीं तो नदी में फेंकी जा रही लाशें ? 45 शव मिलने पर खलबली

By: RNI Hindi Desk 
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जलाने की लकड़ियां नहीं तो नदी में फेंकी जा रही लाशें ? 45 शव मिलने पर खलबली

रिपोर्ट – माया सिंह

कोरोना से मरने वाले लोगों के आकड़ों में हेरफेर हो सकता है लेकिन बक्सर के चौसा में महादेव घाट पर बहकर आये लाशों ढेर ने यह साबित कर दिया है कि कोरोना वायरस की दूसरी लहर कितनी भयंकर है । जानकर हैरानी होगी कि स्थिति को गंभीरता से लेने के बजाय इस पर भी सियासी जंग शुरू हो गई है ।

जिला प्रशासन ने इस मामले में अपने आप को सवालों को घेरे से बचाते हुये कह दिया है कि ये लाशें बिहार की नहीं हैं बल्कि यूपी से बहकर आई है । महादेव घाट पर इतनी लाशों की अंबार की तस्वीर देख हर कोई दंग है । असल में शवों ने महादेव घाट को पूरी तरह ढक दिया है ।

महादेव घाट की वीडियो देखते ही प्रशासन के पांव तले जमीन खिसक गये और अलग अलग बयान देकर अपना पल्ला झाड़ते हुये नजर आये । चौसा के बीडिओ अशोक कुमार ने बताया कि करीब 40-45 लाशें है जो कि कई जगहों से बहकर यहां आई हैं ।

इतना ही नहीं बीडिओ ने कहा कि यहां पर चौकिदार नियुक्त किये गये हैं कि जितनी भी लाशें यहां आ रही है उनका अंतिम संस्कार अच्छे से किया जाये लेकिन उत्तर प्रदेश से लाशें बहकर आ रही है , जिन्हे रोकने का कोई उपाय नहीं है इसलिये इसका निपटारा भी किया जा रहा है।

बता दें कि बक्सर की हालात इनदिनों बेहद खराब है । महादेव घाट पर रोजाना 100 से 200 लाशें आती हैं । प्रशासन का कहना है कि परंपरा के अनुसार लाशों की दाह संस्कार की जा रही है लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि लकड़ी की कमी की वजह से लोग शवों को गंगाजी में फेंककर ही चले जाते हैं ।

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