रिपोर्ट: सत्यम दुबे
मेरठ: कोरोना महामारी के दूसरे लहर का कहर लगातार जारी है। कोरोना से संक्रमित मरीज ऑक्सीजन और दवाईयों की कमीं से लगातार दम तोड़ रहें हैं। पिछलs कुछ समय से दिन की शुरुआत होते ही, कुछ न कुछ मनहूस खबर सुनने को मिल रहा है। लोगों की इतनी बड़ी तादात में मौत हो रही है, कि श्मसान घोटों में जगह ही नहीं बची है। इन्ही घाटों में मेरठ के सूरजकुंड श्मशान घाट की हालत बेहद खराब स्थिति में पहुंच गई है। शवों की संख्या इतनी ज्यादा हो गई है कि अब जमीनों और श्मशान घाट के आसपास की खाली जगहों पर भी अंतिम संस्कार करना पड़ रहा है, जिसकी वजह से आसपास के लोगो को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

इतनी भयावह हालात हो गई है की स्थानीय लोगों का कहना है कि जलती हुई चिताओं को देखकर उन्हें नींद नहीं आ रही है और चिताओं से उठता धुआं और राख अब उनके घरों तक पहुंच रहा है। जिसकी वजह से उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने एक वीडियो वायरल कर मेरठ प्रशासन से इस समस्या से निपटने के लिए गुहार लगाई है।
मिली जानकारी के मुताबिक शवों की संख्या बढ़ने से पार्किंग में भी अब शवों का अंतिम संस्कार करना पड़ रहा है। इस दौरान लोगों का कहना है कि जलती हुई चिताओं को लेकर बच्चे दहशत में हैं। चिताओं से उठने वाली राख और धुआं उनके घरों में घुस रहा है। प्रशासन को अब इस तरफ ध्यान देने की जरूरत है।
खुले में कोरोना संक्रमित लोगों के शवों को जलाए जाने की शिकायत लोगो ने स्थानीय पार्षद से भी की है। लेकिन अब तक कोई भी कार्रवाई नहीं की गई है। वहीं स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि कोरोना संक्रमित लोगों के शवों का अंतिम संस्कार शहर से कराए जाएं।
जबकि इस मामले में मेरठ नगर आयुक्त मनीष बंसल ने बताया कि पूर्व में सूरजकुंड श्मशान घाट पर 42 प्लेटफार्म बने हुए थे और नगर निगम द्वारा अतिरिक्त प्लेटफार्म का निर्माण किया गया है। उसी श्मशान घाट का एक हिस्सा है, जो खाली पड़ा हुआ था जिस पर अतिरिक्त प्लेटफार्म का निर्माण किया गया था।
उन्होने आगे बताया कि स्थानीय लोगों की शिकायत का संज्ञान लिया गया है और मेरठ नगर निगम की तरफ से टीन शेड्स और दीवारों की ऊंचाई बढ़ाने के लिए नगर निगम की टीम को आदेश दे दिया गया है और जल्द ही इस काम को शुरू कर दिया जाएगा।