उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस का रिकवरी रेट 93.99 प्रतिशत पहुंचा
उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस का रिकवरी रेट 93.99 प्रतिशत पहुंच गया है। उत्तर प्रदेश प्रमुख सचिव स्वास्थ्य आलोक कुमार ने बताया कि मंगलवार को प्रदेश में 1,49,213 सैंपल्स की जांच की गई है, जिसमें 72818 आरटी-पीसीआर, 74836 एंटीजन और 1559 ट्रूनेट टेस्ट किए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में कोविड-19 की 94 प्रतिशत रिकवरी दर पर संतोष व्यक्त करते हुए इसे और बेहतर करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 की टेस्टिंग का कार्य पूरी क्षमता से संचालित किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रतिदिन किए जाने वाले टेस्ट्स में से एक तिहाई RT-PCR के माध्यम से तथा दो तिहाई टेस्ट रैपिड एंटीजन विधि से किए जाएं।
मुख्यमंत्री ने मेरठ जिले में विशेष सतर्कता बरतते हुए संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जनपद लखनऊ में कोविड-19 की रिकवरी दर को बेहतर करने के लिए उपचार व्यवस्था को सुदृढ़ किए जाने की बात कही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोविड अस्पताल में यदि कोई संक्रमित मरीज हृदय, किडनी आदि किसी गम्भीर बीमारी से ग्रसित हो, तो इस रोग के भी समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पराली को न जलाने के संबंध में किसानों को निरंतर जागरूक किया जाए। कृषि, ग्राम्य विकास, पंचायतीराज एवं नगर विकास विभाग द्वारा सम्मिलित प्रयास किए जाने से इस संबंध में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि पराली को गो-आश्रय स्थलों पर उपलब्ध कराया जाए। इससे गो-आश्रय स्थल में संरक्षित गोवंश के लिए चारे की व्यवस्था करने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मनरेगा के माध्यम से ग्रामीण इलाकों में विविध कार्य किए जा सकते हैं। इसके तहत जल संचयन के लिए तालाब खोदे जाएं तथा चेक डैम तैयार किए जाएं। पंचायत भवन तथा सामुदायिक शौचालय के निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए।