असम की कांग्रेस इकाई ने मंगलवार को आने वाले विधानसभा चुनाव के लिए एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने अगले विधानसभा चुनाव में बीजेपी बीजेपी को हारने के लिए पांच दलों के साथ गठबंधन करके उतरेगी ताकि बीजेपी को सत्ता से बाहर किया जा सके।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रिपुन बोरा ने कहा कि कई दलों के साथ बातचीत के बाद यह फैसला किया गया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रिपुन बोरा ने कहा कि कई दलों के साथ बातचीत के बाद यह फैसला किया गया है।
आप को बता दे कि कांग्रेस इस विधानसभा चुनाव में ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ), भाकपा, माकपा, भाकपा (माले) और आंचलिक गण मोर्चा के साथ गठबंधन करेगी।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रिपुन बोरा ने कहा, भाजपा विरोधी दलों के लिए हमारे दरवाजे खुले हुए हैं और हम क्षेत्रीय दलों को आमंत्रित करते हैं कि वे सत्तारूढ़ पार्टी को सत्ता से हटाने की लड़ाई में हमारा साथ दें। बोरा ने कहा कि कांग्रेस देश हित में सांप्रदायिक शक्तियों को सत्ता से बाहर करने के लिए अग्रणी भूमिका में है।
बता दें कि असम विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की राह आसान नहीं है। एक तरफ जहां चुनाव से पहले पार्टी के कई विधायक और पदाधिकारी भाजपा में शामिल हो रहे हैं, वहीं पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के निधन के बाद पार्टी नेतृत्वविहीन है।
नए नेता के नाम पर कांग्रेस पूरी तरह विभाजित है। तरुण गोगोई लगातार तीन बार असम के मुख्यमंत्री रहे। उनकी मौजूदगी में पार्टी एकजुट रही, क्योंकि पार्टी के अंदर कोई भी नेता उनके कद के बराबर नहीं था।
कांग्रेस की ओर से गठबंधन का ऐलान तो कर दिया गया है लेकिन मुख्यमंत्री का चेहरा कौन होगा इस पर पार्टी ने अभी तक चुप्पी साध रखी है। असम चुनाव के लिए कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को जिम्मेदारी सौंपी है। इसके अलावा मुकुल वासनिक और शकील अहमद खान को असम चुनाव की जिम्मेदारी दी है।
बता दें कि इस साल 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले है। वहीअसम में इस साल अप्रैल-मई में चुनाव होगें। चुनावों की तैयारियों का जायजा लेने के लिए चुनाव आयोग की तीन सदस्यीय टीम भी राज्य के दौरे पहुंची हुई है।