भारत की आजादी के आंदोलन का नेतृत्व करने वाली और देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस आज यानी 28 दिसंबर को अपना 136वां स्थापना दिवस मना रही है। हालांकि इन दिनों कांग्रेस अपने काफी कठिन दौर से गुजर रही है। नेतृत्व को लेकर अंदरूनी घमासान की वजह से पार्टी के वजूद पर बादल मंडरा रहे हैं।
इस मौके पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के सदस्यों ने पार्टी की राज्य इकाइयों को निर्देश दिया है कि वे ‘तिरंगा यात्रा’ का आयोजन करें और युवाओं के साथ जुड़ने के लिए सोशल मीडिया अभियान ‘सेल्फी विद तिरंगा’ चलाएं। कोरोना वायरस के मद्देनजर शारीरिक दूरी का पालन करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इस दौरान आंदोलन कर रहे किसानों के साथ एकजुटता भी दिखाई जाएगी।
LIVE: Flag hoisting for 136th Congress Foundation Day https://t.co/mUpYGldrcz
— Congress (@INCIndia) December 28, 2020
पार्टी के स्थापना दिवस पर राहुल गांधी ने कहा कि आज हम सच्चाई और समानता के अपने इस संकल्प को दोहराते हैं। उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘देश हित की आवाज उठाने के लिए कांग्रेस शुरू से प्रतिबद्ध रही है। आज कांग्रेस के स्थापना दिवस पर, हम सच्चाई और समानता के अपने इस संकल्प को दोहराते हैं। जय हिंद!’
देश हित की आवाज़ उठाने के लिए कांग्रेस शुरू से प्रतिबद्ध रही है।
आज कांग्रेस के स्थापना दिवस पर, हम सच्चाई और समानता के अपने इस संकल्प को दोहराते हैं।
जय हिंद!#CongressFoundationDay pic.twitter.com/LCJvcABYh1
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) December 28, 2020
देश की आजादी से 62 साल पहले 1885 में आज ही के दिन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना की गई थी। स्कॉटलैंड के रिटायर्ड अधिकारी एओ ह्यूम ने कांग्रेस की स्थापना की थी।
दिलचस्प बात ये है कि कांग्रेस पार्टी की स्थापना एक अंग्रेज अधिकारी ने की थी, मगर पार्टी के अध्यक्ष भारतीय ही रहे। कांग्रेस के पहले अध्यक्ष कलकत्ता हाई कोर्ट के बैरिस्टर व्योमेश चंद्र बनर्जी रहे।
On the occasion of the 136th #CongressFoundationDay, senior Congress leaders and workers hoist the Tiranga and pay tribute to our party's 135 year-old legacy of upholding the interest of each Indian.#SelfieWithTiranga pic.twitter.com/9J9SynrNBn
— Congress (@INCIndia) December 28, 2020
बताते चलें कि 1905 में बंगाल का बंटवारा जिससे कांग्रेस को नई पहचान मिली। कांग्रेस ने बंटवारे का पुरजोर विरोध किया। इसके बाद 1915 में महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे। गांधी जी 1919 में असहयोग आंदोलन से राजनीति में आए। उसके बाद गांधी जी के नेतृत्व में कांग्रेस ने कई आंदोलन किए। सविनय अविज्ञा आंदोलन, भारत छोड़ो आंदोलन आदि।
देश के पहले पीएम जवाहर लाल नेहरू 1951 से लेकर 1954 तक कांग्रेस अध्यक्ष रहे। उनके बाद 1959 में इंदिरा गांधी अध्यक्ष बनीं। इंदिरा गांधी 1978 से 1984 तक दोबारा अध्यक्ष रहीं।
हम आजादी की अलख जगाने को निकले थे,
देशवासियों का हासिल, हमने किया विश्वास था।
और देश को लेकर चले हम उसी राह पर,
जैसा समृद्ध भारत माँ का इतिहास था।।#SelfieWithTiranga pic.twitter.com/YQWXOFb4Jb— Congress (@INCIndia) December 28, 2020
उनकी मौत के बाद राजीव गांधी 1985-1991 तक कांग्रेस अध्यक्ष रहे। सोनिया गांधी 1998 में कांग्रेस अध्यक्ष बनीं। वह 2017 तक इस पद पर रहीं। राहुल गांधी दिसंबर 2017 से अगस्त 2019 तक कांग्रेस अध्यक्ष रहे थे। राहुल गांधी के इस्तीफे के बाद अगस्त 2019 से सोनिया गांधी अंतरिम अध्यक्ष हैं।