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कांग्रेस बोली : भाजपा-जदयू ठगबंधन का दूसरा नाम धोखेबाज ठगबंधन है, पढ़ें

By: RNI Hindi Desk 
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कांग्रेस बोली : भाजपा-जदयू ठगबंधन का दूसरा नाम धोखेबाज ठगबंधन है, पढ़ें

बिहार में विधानसभा चुनाव के तीसरे चरण के लिए सभी पार्टियां वोट पाने के लिए जी जान से कोशिश कर रही है। इसी बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर भी शुरु हो चुका है। एक तरफ बीजेपी और जेडीयू है जिनके मुताबिक वो सत्ता में वापिस कर रहे है और दूसरी और कांग्रेस है जिसका यह कहना है की बीजेपी को अपनी हार दिखाई दे गई है और वो चुनाव को सांप्रदायिक बना रहे है।

बीजेपी की और से योगी और पीएम मोदी दोनों स्टार प्रचारक के रूप में काम कर रहे है और हिंदुत्व के मुद्दे पर वोट मिलने की उम्मीद भी कर रहे है। दूसरी और कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने महगांई और कोरोना जैसे बड़े मुद्दों को लेकर बीजेपी को घेरने की रणनीति बनाई है।

आपको बता दे कि आज कांग्रेस ने लिखा , बिहार में भाजपा-जदयू ठगबंधन के 15 साल के कुशासन की जनविरोधी नीतियों ने बिहार वासियों के जीवन को तबाह किया है। बिहार में न रोजगार है, न व्यापार है; हर तरफ मचा हाहाकार है। इसी के साथ उन्होंने ” भाजपा है तो धोखा है ” इस हैश टैग का भी प्रयोग किया है।

आगे लिखा गया है कि भाजपा-जदयू सरकार हर चुनाव में सैंकड़ों वादे कर जनता के लिये एक जाल बिछाती है; इस वादों के जाल में फंसा कर जनता का वोट लेती है। लेकिन इस बार बिहार सतर्क है; भाजपा-जदयू के घोटालों पर बिहार वोट से प्रहार कर रहा है।

भाजपा-जदयू ठगबंधन का दूसरा नाम धोखेबाज ठगबंधन है। इस ठगबंधन ने हर बार बिहार की जनता के साथ धोखा किया है; विश्वासघात किया है। इस बार बिहार धोखेबाजों से बदला लेने जा रहा है।

पिछले 15 साल के कुशासन राज के दौरान पलायन की समस्या ने विकराल रूप धारण कर लिया है। बिहार में बेरोजगारी बढ़ती जा रही है, बिहार वासी काम की तलाश में पलायन को मजबूर हैं। बिहार का युवा पूछ रहा है- हमें बिहार में रोजगार क्यों नहीं मुहैया करवाया ?

ट्रबल इंजन सरकार में रोटी और रोजगार मांगने पर लाठीचार्ज करवाया जाता है। बिहार में बेरोजगारी उच्चतम स्तर पर पहुंच चुकी है; 15 साल सत्ता संभालने के बाद भी 19 लाख रोजगार का जुमला दिया जा रहा है। इस बार बिहार बेरोजगारी के मुद्दे पर महागठबंधन को वोट कर रहा है।

भाजपा-जदयू सरकार ने 2006 में APMC एक्ट को निरस्त कर बिहार के किसानों पर आक्रमण किया था। बिहार का किसान उस आक्रमण से उभर नहीं पाया है। बिहार का किसान भुखमरी से जूझ रहा है। इस बार बिहार का किसान ठगबंधन सरकार से बदला लेने को तैयार है।

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