ठंड और कोहरे के बीच राष्ट्रीय राजधानी में लगातार तीसरे दिन शुक्रवार को न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस से कम दर्ज किया गया। सफदरजंग वेधशाला में तापमान सामान्य से तीन डिग्री कम 4.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सफदरजंग में ‘मध्यम’ कोहरा छाने से दृश्यता 201 मीटर रही। वहीं, पालम इलाके में ‘हल्का’ कोहरा छाया रहा।
मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार शून्य से 50 मीटर के बीच दृश्यता होने पर कोहरे को ‘बेहद घना’, 51 से 200 मीटर के बीच ‘घना’, 201 से 500 के मीटर के बीच ‘मध्यम’ और 501 से 1000 के बीच दृश्यता होने पर कोहरे को ‘हल्का’ माना जाता है। दिल्ली में शनिवार तक शीत लहर चलने का पूर्वानुमान है।
कश्मीर घाटी में अधिकतर स्थानों पर शुक्रवार को न्यूनतम तापमान में गिरावट से ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। मौसम विभाग ने शनिवार से अगले कुछ दिनों तक हल्की बारिश और बर्फबारी होने का पूर्वानुमान जताया है।
मौसम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 12 दिसंबर को बर्फबारी के बाद से समूचे कश्मीर में मौसम शुष्क बना हुआ है और तेज ठंड है। कई जगहों पर रात में तापमान शून्य से कई डिग्री नीचे बना हुआ है।
नए पश्चिमी विक्षोभ के हिमालय के ऊंचाई वाले इलाकों में पहुंचने के कारण रविवार और सोमवार को तापमान बढ़ने का अनुमान है। इस दौरान हल्का कोहरा भी छा सकता है। 29 दिसंबर से एक बार फिर शहर में शीत लहर चलेगी।
मैदानी इलाकों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस या इससे कम और सामान्य से 4.5 डिग्री सेल्सियस कम रहता है, तो आईएमडी शीतलहर की घोषणा कर देता है। इस बीच, दिल्ली में लगातार तीन दिन तक वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में रहने के बाद शुक्रवार सुबह थोड़े सुधार के साथ ‘अत्यंत खराब’ श्रेणी में पहुंच गई।
घाटी में तीव्र शीत लहर के बीच एडवेंचर पसंद करने वाले लोग नए साल का जश्न मनाने के लिए कश्मीर और लद्दाख का रूख कर रहे हैं जहां पारा शुक्रवार को हिमांक से नीचे दर्ज किया गया।
आप को बता दे कि इन नए साल के जश्न मनाने के शौकीनों में हनीमून कपल भी शामिल हैं, जो गुलमर्ग में खूबसूरत वादियों का लुत्फ ले रहे हैं, जहां न्यूनतम तापमान शून्य से 5.6 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज हुआ है।
आप को बता दे कि मौसम कार्यालय ने दिसंबर के अंत तक किसी भी महत्वपूर्ण बर्फबारी का अनुमान नहीं लगाया है, लेकिन गुलमर्ग पहले ही बर्फ की चादर से ढक चुका है। पहलगाम हिल स्टेशन में भी बड़े पैमाने पर पर्यटक उमड़ रहे हैं।
कश्मीर में वर्तमान में ‘चिल्लै-कलां’ चल रहा है जिसमें 40 दिनों तक भीषण ठंड की स्थिति रहती है। 21 दिसंबर से शुरू हुआ ‘चिल्लै-कलां’ 31 जनवरी को खत्म होगा। इसके बाद 20 दिन का ‘चिल्लै-खुर्द’ और फिर 10 दिन का ‘चिल्लै-बच्चा’ होगा।
अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान अधिकतर जगहों पर बर्फबारी अधिक होती है या इसकी संभावना बढ़ जाती है। शनिवार से अगले कुछ दिनों तक घाटी में हल्की बारिश और बर्फबारी होने का अनुमान है।