बड़वानी। मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के सेंधवा ब्लॉक स्थित ग्राम अजगरिया में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनजातीय समाज के विकास से जुड़ी कई घोषणाएं कीं। इनका उद्देश्य क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, सांस्कृतिक विरासत और बुनियादी सुविधाओं को बढ़ावा देना है। मुख्यमंत्री ने खुपजदेव धाम के निर्माण से लेकर छात्रावासों की स्थापना और वन औषधियों पर शोध तक की योजनाओं का ऐलान किया।
मुख्यमंत्री ने ग्राम क्षेत्र में खुपजदेव धाम के निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही धाम तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क भी बनाई जाएगी। इस पहल से धार्मिक स्थल तक आवागमन आसान बनाने और क्षेत्रीय सुविधाओं को बेहतर करने पर जोर दिया गया है।

शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ग्राम अजगरिया में बालकों और बालिकाओं के लिए अलग-अलग छात्रावास बनाए जाएंगे। दोनों छात्रावासों की क्षमता 100-100 सीटर होगी। इससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने ग्राम पजरिया में 50 लाख रुपये की लागत से सर्वसुविधायुक्त शेड के निर्माण की घोषणा भी की। इस परियोजना के तहत स्थानीय जरूरतों के अनुरूप सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से ग्राम धवली में नई पुलिस चौकी स्थापित करने की घोषणा की गई। इससे स्थानीय स्तर पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने और कानून-व्यवस्था से संबंधित जरूरतों को पूरा करने में सहायता मिलने की उम्मीद है।
जनजातीय समुदाय की भाषाई विरासत को सुरक्षित रखने के लिए बारेली भाषा से जुड़े दस्तावेजों के संरक्षण और शोध कार्य किए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य भाषा के साहित्यिक एवं सांस्कृतिक महत्व को संरक्षित करना और आने वाली पीढ़ियों तक इस विरासत को पहुंचाना है।

जनजातीय क्षेत्रों में सिकल सेल बीमारी की रोकथाम के लिए विशेष स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित करने की घोषणा की गई। इसमें बीमारी की जांच, मरीजों को परामर्श देने और उपचार की व्यवस्था पर ध्यान दिया जाएगा। इससे प्रभावित लोगों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
वन औषधियों के संरक्षण और उनके वैज्ञानिक अध्ययन को बढ़ावा देने के लिए बड़वानी में वन औषधि शोध संस्थान स्थापित किया जाएगा। इस संस्थान के माध्यम से क्षेत्र में उपलब्ध औषधीय वनस्पतियों से संबंधित शोध और संरक्षण कार्यों को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री ने वन अधिकारों से जुड़े मामलों पर भी घोषणा की। जिन जनजातीय परिवारों को अभी तक वन अधिकार पट्टे नहीं मिले हैं, उन्हें पट्टे देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। वहीं, जिन लोगों को पट्टे पहले ही मिल चुके हैं, उनकी रजिस्ट्री कराने की बात भी कही गई।
ग्राम अजगरिया में की गई घोषणाओं में शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कृति, सुरक्षा और वन अधिकार जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं। इन योजनाओं का क्रियान्वयन क्षेत्र के ग्रामीणों के जीवन और स्थानीय सुविधाओं पर प्रभाव डाल सकता है। अब इन घोषणाओं को धरातल पर उतारने की दिशा में होने वाली कार्रवाई पर लोगों की नजर रहेगी।