Burhanpur News: मध्य प्रदेश के बुरहानपुर कलेक्ट्रेट से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने दिव्यांगजनों को मिलने वाली सुविधाओं और प्रशासनिक व्यवस्था पर कई तरह के सवाल खड़े कर दिए है। दरअसल, अपने दिव्यांग पति को कंधे पर उठाकर बिंदु बाई कलेक्ट्रेट पहुंचीं। उनकी मांग थी कि पति को आने-जाने में परेशानी न हो, इसके लिए उन्हें ट्राई साइकिल उपलब्ध कराई जाए। ऐसे में महिला के संघर्ष की यह तस्वीर हर किसी को भावुक करने वाली है।
बिंदु बाई के अनुसार, करीब 9 साल पहले उनके पति को पैरालिसिस हो गया था। ऐसे में बीमारी के कारण उनकी एक टांग काटनी पड़ी। इसके बाद से ही पति की देखभाल करने और उन्हें एक जगह से दूसरी जगह ले जाने की जिम्मेदारी बिंदु बाई निभा रही हैं। इतने लंबे समय से वह अपने पति की मदद कर रही हैं, लेकिन आवाजाही की परेशानी आज भी उनके सामने बनी हुई है।
दरअसल अपने पति की परेशानी कम करने की उम्मीद लेकर बिंदु बाई ट्राई साइकिल की मांग करने कलेक्ट्रेट पहुंचीं। महिला का कहना है कि, उन्हें वहां ट्राई साइकिल नहीं मिल सकी। इसके बाद उन्हें अपने दिव्यांग पति को कंधे पर उठाकर कार्यालय के भीतर ले जाना पड़ा। काम पूरा होने के बाद वह पति को उसी तरह कंधे पर उठाकर वापस लेकर लौटीं।
आपकी जानकारी के लिए बता दें बिंदु बाई की यह घटना केवल एक परिवार की परेशानी नहीं है, बल्कि दिव्यांगजनों के लिए जरूरी सहायक उपकरणों की उपलब्धता से जुड़ा महत्वपूर्ण सवाल भी है। ट्राई साइकिल मिलने से उनके पति की आवाजाही आसान हो सकती है और बिंदु बाई को भी रोजमर्रा की परेशानियों से कुछ राहत मिल सकती है। ऐसे मैं अब देखना होगा कि प्रशासन महिला की मांग पर कब तक ध्यान देता है और उनके दिव्यांग पति को ट्राई साइकिल उपलब्ध कराने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। फिलहाल, बिंदु बाई को मदद का इंतजार है।
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