राजधानी दिल्ली समेत पूरे एनसीआर एक बार फिर प्रदूषण की गिरफ्त में है। राजधानी दिल्ली में गुरुवार की सुबह वायु गुणवत्ता का स्तर 500 के पार चला गया। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बयान जारी करते हुए कहा कि दिल्ली के लोगों पर कोरोनावायरस और प्रदूषण की दोहरी मार पड़ी है।
हालांकि, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस प्रदूषण के लिए पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने को एक बड़ी वजह बताया। दिल्ली के मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की है कि वह इस साल भी पटाखे ना जलाएं।
केजरीवाल ने ये बातें एक डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि दिल्ली इस समय कोरोना और प्रदूषण से जंग लड़ रही है। हम सबके पूरे प्रयास हैं कि इन दोनों से हम जीत जाएं। प्रदूषण की वजह से कोरोना स्थिति और खराब हो रही है।
केजरीवाल ने कहा हर साल इस महीने में दिल्ली का प्रदूषण बढ़ जाता है क्योंकि पड़ोसी राज्यों से पराली का धुआं यहां पहुंचता है। कई सालों से यह हो रहा है लेकिन राज्य सरकारें इस पर ध्यान नहीं देतीं। इन सरकारों ने किसानों के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। दिल्ली सरकार ने इसे लेकर एक बहुत अच्छा समाधान ढूंढ निकाला है।
आइए, इस बार दिल्ली के हम 2 करोड़ लोग एक साथ मिलकर दिवाली पूजन करें और दीवाली मनाएं। https://t.co/KXSWbAlEGy
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) November 5, 2020
दिल्ली सरकार ने पूसा इंस्टीट्यूट के साथ मिलकर एक केमिकल बनाया है जो पराली पर डालने से वह खाद में बदल जाता है। इसके बाद मुझे उम्मीद है कि यह आखिरी साल होगा जब पराली जलाई जाएगी। अगले साल से सभी राज्य इस केमिकल का प्रयोग करेंगे।
सीएम अरविंद केजरीवाल ने अपने बयान में कहा कि पड़ोसी राज्य किसानों की मदद ना करने का कोई बहाना नहीं बना सकते क्योंकि अब इस समस्या का समाधान है। ऐसे में सभी सरकारों को अपने किसानों की इस तकनीक को मुहैया करवा कर मदद करनी चाहिए, जिससे किसान पराली नहीं जलाएंगे।
केजरीवाल ने आगे कहा कि हमने पिछली बार पटाखे न जलाने की शपथ ली थी और कनॉट प्लेस में एक साथ दिवाली मनाई थी। इस बार भी हम सब लोग मिलकर दिवाली मनाएंगे। इस बार भी हम पटाखे नहीं जलाएंगे, अगर हमने पटाखे जलाए तो अपने ही बच्चो की जिंदगी के साथ खेलेंगे।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ऐलान किया है कि 14 नवंबर को शाम के 7:39 बजे दिल्ली सरकार की ओर से राजधानी में भाग्य लक्ष्मी पूजा का आयोजन किया जाएगा।
जिसमें खुद दिल्ली के मुख्यमंत्री और सरकार में उनके दूसरे मंत्री भी शामिल होंगे, और कुछ टीवी चैनल उसका सीधा प्रसारण करेंगे। पिछले साल दिवाली के मौके पर भी दिल्ली सरकार की ओर से सांस्कृतिक उत्सव का आयोजन किया गया था, जिसमें लेजर लाइट और लेजर शो भी शामिल था।
उन्होंने अपील की कि आप सभी अपने टीवी चैनल लगाकर उस समय हमारे साथ लक्ष्मी पूजन करें। अगर हम दो करोड़ लोग उस दिन एक साथ लक्ष्मी पूजन करेंगे, रामचंद्र जी के वनवास से लौटने का स्वागत पर्व मनाएंगे तो पूरी दिल्ली के अंदर एक अद्भुत माहौल होगा। पूरी दिल्ली में पॉजिटिव तरंगें फैलेंगी और मंगल ही मंगल होगा।
केजरीवाल ने आगे कहा कि हमने पिछली बार पटाखे न जलाने की शपथ ली थी और कनॉट प्लेस में एक साथ दिवाली मनाई थी। इस बार भी हम सब लोग मिलकर दिवाली मनाएंगे। इस बार भी हम पटाखे नहीं जलाएंगे, अगर हमने पटाखे जलाए तो अपने ही बच्चो की जिंदगी के साथ खेलेंगे।
सीएम अरविंद केजरीवाल ने अपने बयान में कहा कि पड़ोसी राज्य किसानों की मदद ना करने का कोई बहाना नहीं बना सकते क्योंकि अब इस समस्या का समाधान है। ऐसे में सभी सरकारों को अपने किसानों की इस तकनीक को मुहैया करवा कर मदद करनी चाहिए, जिससे किसान पराली नहीं जलाएंगे।
वहीं, राजधानी दिल्ली में इस साल दिवाली के मौके पर सिर्फ हरित पटाखों को ही अनुमति मिली है, लेकिन प्रदूषण की बढ़ती समस्या को देखते हुए एनजीटी में भी इस मामले की सुनवाई चल रही है, जिसमें दिल्ली सरकार ने कहा है कि वह शुक्रवार की शाम तक एनजीटी को सरकार द्वारा ग्रीन पटाखों को भी अनुमति दिए या ना दिए जाने को लेकर जानकारी देगी।