19 सितंबर से 10 नवंबर तक होने वाले आईपीएल के बारे में पहले यह अनुमान लगाया जा रहा था की चीन से विवाद के चलते वीवो को टाइटल स्पॉन्सर की लिस्ट से हटाया जा सकता है लेकिन अब ये बात सामने आ गई है की ऐसा कुछ नहीं होने जा रहा है।
दरअसल इंडियन प्रीमियर लीग की गवर्निंग काउंसिल ने चीनी मोबाइल कंपनी VIVO सहित अपने सभी प्रायोजकों को बनाए रखने का फैसला किया है।
आपको बता दे कि बीसीसीआई को विवो से सालाना 440 करोड़ रुपये मिलते हैं और पांच साल का सौदा 2022 में खत्म होना है और इसके बाद उस पर विचार किया जा सकता है।
बीसीसीआई कोषाध्यक्ष अरूण धूमल ने कहा कि जब हम चीनी कंपनियों को भारत में अपने उत्पादों को बेचने की अनुमति दे रहे हैं, जो भी पैसा वे भारतीय उपभोक्ता से ले रहे हैं, वे इसका हिस्सा बीसीसीआई को दे रहे हैं।